ख़ाली क़ब्र
1 हफ़ते का दिन गुज़र गया तो इतवार को मरियम मग्दलीनी सुबह-सवेरे क़ब्र के पास आई। अभी अंधेरा था। वहाँ पहुँचकर उसने देखा कि क़ब्र के मुँह पर का पत्थर एक तरफ़ हटाया गया है।
ईसा मरियम मग्दलीनी पर ज़ाहिर होता है
11 लेकिन मरियम रो रोकर क़ब्र के सामने खड़ी रही। और रोते हुए उसने झुककर क़ब्र में झाँका
14 फिर उसने पीछे मुड़कर ईसा को वहाँ खड़े देखा, लेकिन उसने उसे न पहचाना।
16 ईसा ने उससे कहा, "मरियम!"
वह उस की तरफ़ मुड़ी और बोल उठी, "रब्ब्बूनी!" (इसका मतलब अरामी ज़बान में उस्ताद है।)
17 ईसा ने कहा, "मेरे साथ चिमटी न रह, क्योंकि अभी मैं ऊपर, बाप के पास नहीं गया। लेकिन भाइयों के पास जा और उन्हें बता, ‘मैं अपने बाप और तुम्हारे बाप के पास वापस जा रहा हूँ, अपने ख़ुदा और तुम्हारे ख़ुदा के पास’।"
18 चुनाँचे मरियम मग्दलीनी शागिर्दों के पास गई और उन्हें इत्तला दी, "मैंने ख़ुदावंद को देखा है और उसने मुझसे यह बातें कहीं।"