25 अगर तेरा कोई हमवतन भाई ग़रीब होकर अपनी कुछ ज़मीन बेचने पर मजबूर हो जाए तो लाज़िम है कि उसका सबसे क़रीबी रिश्तेदार उसे वापस ख़रीद ले।
47 अगर तेरे मुल्क में रहनेवाला कोई परदेसी या ग़ैरशहरी अमीर हो जाए जबकि तेरा कोई हमवतन भाई ग़रीब होकर अपने आपको उस परदेसी या ग़ैरशहरी या उसके ख़ानदान के किसी फ़रद को बेच डाले 48 तो बिक जाने के बाद उसे आज़ादी ख़रीदने का हक़ हासिल है। कोई भाई, 49 चचा, ताया, चचा या ताया का बेटा या कोई और क़रीबी रिश्तेदार उसे वापस ख़रीद सकता है। वह ख़ुद भी अपनी आज़ादी ख़रीद सकता है अगर उसके पास पैसे काफ़ी हों।