17 हुजूम में से एक आदमी ने जवाब दिया, "उस्ताद, मैं अपने बेटे को आपके पास लाया था। वह ऐसी बदरूह के क़ब्ज़े में है जो उसे बोलने नहीं देती।
22 बहुत दफ़ा उसने इसे हलाक करने की ख़ातिर आग या पानी में गिराया है। अगर आप कुछ कर सकते हैं तो तरस खाकर हमारी मदद करें।"
23 ईसा ने पूछा, "क्या मतलब, ‘अगर आप कुछ कर सकते हैं’? जो ईमान रखता है उसके लिए सब कुछ मुमकिन है।"
24 लड़के का बाप फ़ौरन चिल्ला उठा, "मैं ईमान रखता हूँ। मेरी बेएतक़ादी का इलाज करें।"