39 कुछ आगे जाकर वह औंधे मुँह ज़मीन पर गिरकर यों दुआ करने लगा, "ऐ मेरे बाप, अगर मुमकिन हो तो दुख का यह प्याला मुझसे हट जाए। लेकिन मेरी नहीं बल्कि तेरी मरज़ी पूरी हो।"
42 एक बार फिर उसने जाकर दुआ की, "मेरे बाप, अगर यह प्याला मेरे पिए बग़ैर हट नहीं सकता तो फिर तेरी मरज़ी पूरी हो।"
44 चुनाँचे वह उन्हें दुबारा छोड़कर चला गया और तीसरी बार यही दुआ करने लगा। 46 उठो! आओ, चलें। देखो, मुझे दुश्मन के हवाले करनेवाला क़रीब आ चुका है।"