फ़सील की तामीरे-नौ
1 इमामे-आज़म इलियासिब बाक़ी इमामों के साथ मिलकर तामीरी काम में लग गया। उन्होंने भेड़ के दरवाज़े को नए सिरे से बना दिया और उसे मख़सूस करके उसके किवाड़ लगा दिए। उन्होंने फ़सील के साथवाले हिस्से को भी मिया बुर्ज और हननेल के बुर्ज तक बनाकर मख़सूस किया।
12 अगला हिस्सा सल्लूम बिन हल्लूहेश की ज़िम्मादारी थी। यह आदमी ज़िले यरूशलम के दूसरे आधे हिस्से का अफ़सर था। उस की बेटियों ने उस की मदद की।
28 घोड़े के दरवाज़े से आगे इमामों ने फ़सील की मरम्मत की। हर एक ने अपने घर के सामने का हिस्सा खड़ा किया।