दूसरों के लिए गिरने का बाइस न बनना
13 चुनाँचे आएँ, हम एक दूसरे को मुजरिम न ठहराएँ। पूरे अज़म के साथ इसका ख़याल रखें कि आप अपने भाई के लिए ठोकर खाने या गुनाह में गिरने का बाइस न बनें। 15 अगर आप अपने भाई को अपने किसी खाने के बाइस परेशान कर रहे हैं तो आप मुहब्बत की रूह में ज़िंदगी नहीं गुज़ार रहे। अपने भाई को अपने खाने से हलाक न करें। याद रखें कि मसीह ने उसके लिए अपनी जान दी है। 17 क्योंकि अल्लाह की बादशाही खाने-पीने की चीज़ों पर क़ायम नहीं है बल्कि रास्तबाज़ी, सुलह-सलामती और रूहुल-क़ुद्स में ख़ुशी पर।