Pular para o conteúdo
Publicidade

Admiração: o que significa e como gera temor a Deus

O que significa a admiração na Bíblia

Na Bíblia, a verdadeira admiração por Deus é descrita como temor reverente: o respeito profundo diante da Sua santidade e soberania, e não um pavor que paralisa ou afasta. Reconhecer a grandeza de Deus coloca o ser humano no seu devido lugar e constitui o ponto de partida para qualquer sabedoria real.

यहोवा के भय मनई गियान के सुरूआत ए,

पर मुरूखमन बुद्धि अऊ सिकछा के बात ला तुछ समझथें।(नीतिबचन 1:7)

यहोवा के भय मनई बुद्धि के सुरूआत अय,

पबितर परमेसर ला जानई समझ के बात अय।(नीतिबचन 9:10)

यहोवा के भय मनई बुद्धि के सुरूआत ए;

ओ जम्मो, जऊन मन ओकर नियममन ला मानथें, ओमन अपन म सही समझ रखथें।

ओकर महिमा सदाकाल तक होवत रहय।(भजन-संहिता 111:10)

बुद्धि के निरदेस ह यहोवा के भय मानना ए,

अऊ आदर के पहिली नमरता आथे।(नीतिबचन 15:33)

Como a reverência a Deus transforma a conduta

A admiração bíblica não fica restrita ao sentimento: ela molda decisões práticas no dia a dia. Quem reverencia a Deus aprende a rejeitar o erro, vive com sobriedade e experimenta contentamento que o acúmulo material não proporciona.

यहोवा के भय मनई के मतलब बुरई ले घिन करई अय।

मेंह घमंड अऊ जिद्दीपन,

खराप बरताव अऊ बुरई के बात ले घिन करथंव।(नीतिबचन 8:13)

अपन नजर म बुद्धिमान झन बन;

यहोवा के भय मान अऊ बुरई ले दूरिहा रह।

अइसने करे ले तोर देहें ह भला-चंगा

अऊ हाड़ामन मजबूत बने रहिहीं।(नीतिबचन 3:7,8)

यहोवा के भय के संग थोरकन धन होवई ह

समस्या के संग बहुंत धन होवई ले बने अय।(नीतिबचन 15:16)

नमरता ह यहोवा के भय ए;

येकर मजदूरी धन, आदर अऊ जिनगी होथे।(नीतिबचन 22:4)

एकरसेति, हे मयारू संगवारीमन, जब हमर संग परमेसर ह ये परतिगियां करे हवय, त आवव, हमन अपन देहें अऊ आतमा ला जम्मो गंदगी ले सुध करन, अऊ परमेसर के भय म रहत अपनआप ला पूरा पबितर करन।(2 कुरिन्थुस 7:1)

O cuidado de Deus com quem O teme

A Escritura afirma com frequência que o olhar e o favor de Deus repousam sobre aqueles que O honram de coração. Essa consideração reverente gera firmeza interior, esperança e bênção na vida familiar.

पर यहोवा के नजर ह ओमन ऊपर लगे रहिथे, जऊन मन ओकर भय मानथें,

जऊन मन ओकर बड़े मया के कारन ये आसा लगाय रहिथें,(भजन-संहिता 33:18)

यहोवा के परसंसा करव।

धइन अंय ओमन, जऊन मन यहोवा के भय मानथें,

जऊन मन ओकर हुकूम के पालन करे म बहुंत खुस होथें।(भजन-संहिता 112:1)

धइन अंय ओ जम्मो, जऊन मन यहोवा के भय मानथें,

जऊन मन ओकर हुकूम ला मानत चलथें।(भजन-संहिता 128:1)

पर तुमन जऊन मन मोर नांव के आदर करथव, धरमीपन के सूरज ह चंगई देवइया अपन किरन के संग उदय होही। अऊ तुमन बाहिर निकलहू अऊ मोटा-ताजा बछवा कस उछल-कूद करहू।(मलाकी 4:2)

परमेसर हमन ला अऊ आसीस देवय,

ताकि धरती के जम्मो छोर तक मनखेमन ओकर भय मानंय।(भजन-संहिता 67:7)

अऊ काबरकि धाईमन परमेसर के भय मानंय, त ओह ओमन के घर बसाईस।(निरगमन 1:21)

O dever humano e a admiração nas relações

O propósito essencial da existência humana consiste em temer a Deus e guardar os Seus mandamentos. No convívio diário, esse mesmo princípio ensina a discernir o que merece admiração: prestar a honra devida a cada autoridade e valorizar o caráter piedoso acima das aparências passageiras.

अऊ अब, हे इसरायलीमन, यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ले का चाहथे, ये कि सिरिप तुमन यहोवा अपन परमेसर के भय मानव, ओकर हुकूम म चलव, ओकर ले मया करव, यहोवा अपन परमेसर के सेवा अपन पूरा मन अऊ अपन पूरा आतमा ले करव, अऊ यहोवा के हुकूम अऊ बिधिमन के पालन करव, जेला मेंह आज तुमन ला तुम्हर खुद के भलई बर देवत हंव?(ब्यवस्था 10:12,13)

येह यहोवा तुम्हर परमेसर ए, जेकर पाछू तुमन ला चलना जरूरी ए, अऊ जरूरी ए कि तुमन ओकर आदर करव। ओकर हुकूम के पालन करव अऊ ओकर बात ला मानव; ओकर सेवा करव अऊ ओला कसके थामे रहव।(ब्यवस्था 13:4)

अब जम्मो बात सुने जा चुके हवय;

बात के अन्त ये अय:

परमेसर के भय मानव अऊ ओकर हुकूममन ला मानव,

काबरकि येह जम्मो मानव-जाति के फर्ज अय।(सभोपदेसक 12:13)

आकरसन ह धोखा देवइया ए अऊ सुन्दरता ह गायब हो जाथे;

पर जऊन माईलोगन ह यहोवा के भय मानथे, ओकर परसंसा होथे।(नीतिबचन 31:30)

हर ओ मनखे के चुकता कर देवव, जेकर तुमन लगत हवव; जऊन ला लगान पटाना हवय, ओला लगान पटावव; जऊन ला मालगुजारी देना हवय, ओला मालगुजारी देवव; जेकर ले डरना चाही, ओकर ले डरव अऊ जेकर आदरमान करना चाही, ओकर आदरमान करव।(रोमीमन 13:7)

"जऊन ह अपन संगी ऊपर दया नइं करय,

ओह सर्वसक्तिमान के भय मानना छोंड़ देथे।(अयूब 6:14)

Seja o primeiro

Este artigo te tocou? Faça uma oração!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.