Bíblia
A Bíblia é a Palavra de Deus — viva, eficaz e mais cortante que espada de dois gumes. Toda Escritura é inspirada por Deus e útil para ensinar, repreender, corrigir e instruir em justiça.
Inspiração divina
Toda Escritura é inspirada por Deus. Homens santos falaram da parte de Deus movidos pelo Espírito Santo.
संपूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और शिक्षा देने, ताड़ना देने, सुधारने और धार्मिकता की शिक्षा के लिए लाभदायक है, जिससे परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर भले कार्य के लिए सक्षम हो जाए।
और यह भी कि बचपन से पवित्रशास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह यीशु में विश्वास के द्वारा उद्धार पाने के लिए बुद्धि दे सकता है। संपूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और शिक्षा देने, ताड़ना देने, सुधारने और धार्मिकता की शिक्षा के लिए लाभदायक है, जिससे परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर भले कार्य के लिए सक्षम हो जाए।
परंतु सब से पहले यह जान लो कि पवित्रशास्त्र की कोई भी भविष्यवाणी किसी की व्यक्तिगत विचारधारा के आधार पर नहीं होती; क्योंकि कोई भी भविष्यवाणी मनुष्य की इच्छा से कभी नहीं हुई, बल्कि मनुष्य पवित्र आत्मा से प्रेरित होकर परमेश्वर की ओर से बोलते थे।
अपने आपको परमेश्वर की दृष्टि में ग्रहणयोग्य और ऐसे सेवक के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयत्न कर, जिसे लज्जित होना न पड़े और जो सत्य के वचन को भली-भाँति काम में लाता हो।
वचन का प्रचार कर, समय-असमय तैयार रह, बड़े धैर्य से शिक्षा देते हुए समझा, डाँट और प्रोत्साहित कर।
जब तक मैं न आऊँ, पवित्रशास्त्र पढ़ने, प्रोत्साहित करने और शिक्षा देने में लगा रह।
Poder da Palavra
A Palavra de Deus é viva e eficaz. O céu e a terra passarão, mas as minhas palavras jamais passarão.
परमेश्वर का वचन जीवित, प्रभावशाली और किसी भी दोधारी तलवार से अधिक तेज़ है, जो प्राण और आत्मा, जोड़ों और मज्जा को आर-पार भेदकर अलग करता है, और मन के विचारों और अभिप्रायों को परखता है।
आकाश और पृथ्वी टल जाएँगे, परंतु मेरे वचन कदापि न टलेंगे।
इस पर यीशु ने कहा,"लिखा है :
मनुष्य केवल रोटी से नहीं,
परंतु परमेश्वर के
मुँह से निकलनेवाले हर एक वचन से
जीवित रहेगा।"
सत्य के द्वारा उन्हें पवित्र कर; तेरा वचन सत्य है।
तुम पवित्रशास्त्र के लेखों में ढूँढ़ते हो, क्योंकि तुम सोचते हो कि उनमें अनंत जीवन है, परंतु ये वे हैं जो मेरे विषय में साक्षी देते हैं।
परंतु प्रभु का वचन सदा के लिए
बना रहता है।
और यही सुसमाचार का वह वचन है जो तुम्हें सुनाया गया था।
जवान अपनी चाल को कैसे शुद्ध रखे?
तेरे वचन का पालन करके।
तेरा संपूर्ण वचन सत्य है,
और तेरा हर एक धर्ममय नियम सदाकाल तक अटल है।
Estudar e pregar
Os bereanos examinavam as Escrituras diariamente. Procura apresentar-te a Deus aprovado como obreiro que maneja bem a Palavra.
ये लोग थिस्सलुनीके के लोगों से अधिक सज्जन थे, और उन्होंने बड़ी उत्सुकता से वचन को ग्रहण किया तथा प्रतिदिन पवित्रशास्त्र में खोजते रहे कि ये बातें ऐसी ही हैं या नहीं।
पौलुस अपनी रीति के अनुसार उनके पास गया और तीन सब्त के दिन उनके साथ पवित्रशास्त्र से वाद-विवाद करता रहा, और यह समझाता और प्रकट करता रहा कि मसीह का दुःख उठाना और मृतकों में से जी उठना अवश्य था, और "जिस यीशु का प्रचार मैं तुम्हारे बीच करता हूँ, वही मसीह है।"
फिलिप्पुस दौड़कर गया और उसने उसे यशायाह भविष्यवक्ता की पुस्तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, "तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है?" उसने उत्तर दिया, "जब तक कोई मुझे न समझाए, मैं कैसे समझ सकता हूँ?" और उसने फिलिप्पुस से विनती की कि वह चढ़कर उसके साथ बैठे। पवित्रशास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था :
उसे भेड़ के समान वध होने के लिए ले जाया गया
और जैसे मेमना ऊन कतरनेवाले के सामने चुपचाप रहता है,
वैसे ही उसने अपना मुँह न खोला।
तब फिलिप्पुस ने अपना मुँह खोला और पवित्रशास्त्र के इसी लेख से आरंभ करके उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया।
तब उसने उनसे कहा,"हे निर्बुद्धियो, और भविष्यवक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मंदमतियो! क्या मसीह के लिए आवश्यक न था कि वह ये दुःख उठाए और अपनी महिमा में प्रवेश करे?" तब उसने मूसा से और सब भविष्यवक्ताओं से आरंभ करके संपूर्ण पवित्रशास्त्र में से अपने विषय में लिखी बातों का अर्थ उन्हें समझाया।
तब यीशु ने उनके पास आकर कहा,"स्वर्ग में और पृथ्वी पर, सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिए जाओ, और सब जातियों के लोगों को शिष्य बनाओ, और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें उन सब बातों का पालन करना सिखाओ, जिनकी आज्ञा मैंने तुम्हें दी है; और देखो, मैं जगत के अंत तक सदा तुम्हारे साथ हूँ।"
और चलते-चलते यह प्रचार करो, ‘स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है।’
Revelação e fidelidade
A Palavra do Senhor veio aos profetas. A graça de Deus se manifestou na Escritura para a salvação de todos.
Viver pela Palavra
Não só de pão vive o homem. Nada acrescentes nem diminuas. A Palavra é alimento, guia e espada do cristão.
परमेश्वर का एक-एक वचन ताया हुआ है;
जो परमेश्वर की शरण लेते हैं
उनके लिए वह ढाल ठहरा है।
तू उसके वचनों में कुछ न जोड़,
कहीं ऐसा न हो कि वह तुझे डाँटे
और तू झूठा ठहरे।
मैं हर एक को, जो इस पुस्तक की भविष्यवाणी के वचनों को सुनता है, यह चेतावनी देता हूँ : "यदि कोई इनमें कुछ जोड़ता है, तो परमेश्वर इस पुस्तक में लिखी विपत्तियों को उस पर डालेगा, और यदि कोई इस पुस्तक की भविष्यवाणी के वचनों में से कुछ निकालता है, तो परमेश्वर भी उस जीवन के वृक्ष और पवित्र नगर में से, जिनका वर्णन इस पुस्तक में किया गया है, उसके भाग को निकाल देगा।"
मुझे आश्चर्य होता है कि जिसने तुम्हें मसीह के अनुग्रह में बुलाया उससे इतने शीघ्र फिरकर तुम किसी और ही सुसमाचार की ओर जा रहे हो। वास्तव में दूसरा सुसमाचार तो है ही नहीं; परंतु कुछ लोग हैं जो तुम्हें विचलित करते हैं और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। परंतु यदि हम या स्वर्ग का कोई दूत भी उस सुसमाचार के विपरीत जो हमने तुम्हें सुनाया है, कोई अन्य सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो वह शापित हो। जैसा हम पहले भी कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर से कहता हूँ : यदि कोई उस सुसमाचार के विपरीत जो तुमने ग्रहण किया है, कोई अन्य सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो वह शापित हो।
और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार का अवसर समझो, जैसा हमारे प्रिय भाई पौलुस ने भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। वह अपने सब पत्रों में भी इन बातों के विषय में कहता है, जिनमें से कुछ बातें समझने में कठिन होती हैं। अज्ञानी और अस्थिर लोग अपने ही विनाश के लिए उनके अर्थों को तोड़ते मरोड़ते हैं, जैसा कि वे पवित्रशास्त्र की अन्य बातों के साथ भी करते हैं।
जो कुछ पहले से लिखा गया था, वह हमारी शिक्षा के लिए लिखा गया, ताकि हम धीरज से और पवित्रशास्त्र के प्रोत्साहन द्वारा आशा रखें।
परंतु जिस पर उन्होंने विश्वास नहीं किया उसे वे कैसे पुकारें? और जिसके विषय में उन्होंने सुना नहीं उस पर वे कैसे विश्वास करें? और बिना प्रचार करनेवाले के वे कैसे सुनें? और यदि उन्हें भेजा न जाए तो वे कैसे प्रचार करें? जैसा लिखा है : उनके पैर कितने सुहावने हैं जो भली बातों का सुसमाचार सुनाते हैं।
परंतु सब ने सुसमाचार को नहीं माना। यशायाह कहता है : हे प्रभु, किसने हमारे संदेश पर विश्वास किया? अतः विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन के द्वारा होता है।
मैं सुसमाचार से लज्जित नहीं होता, क्योंकि यह प्रत्येक विश्वास करनेवाले के लिए—पहले यहूदी और फिर यूनानी के लिए—उद्धार के निमित्त परमेश्वर का सामर्थ्य है। क्योंकि इसमें परमेश्वर की धार्मिकता प्रकट होती है जो विश्वास से है और विश्वास के लिए है, जैसा लिखा है : धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा।
परंतु हमने संसार की आत्मा नहीं, बल्कि वह आत्मा पाया है जो परमेश्वर की ओर से है, ताकि हम उन बातों को जानें जो परमेश्वर के द्वारा हमें उदारता से दी गई हैं; उन्हीं बातों को हम बताते भी हैं, मनुष्यों के ज्ञान के सिखाए हुए शब्दों में नहीं बल्कि आत्मिक बातों की तुलना आत्मिक बातों से करके आत्मा के द्वारा सिखाए हुए शब्दों में। परंतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातों को ग्रहण नहीं करता, क्योंकि उसके लिए वह मूर्खता है; वह उन्हें जान नहीं सकता, क्योंकि वे आत्मिक रूप से परखी जाती हैं।
क्योंकि परमेश्वर के ज्ञान में जब यह संसार अपने ज्ञान से परमेश्वर को न जान सका, तो परमेश्वर को यह अच्छा लगा कि इस प्रचार की मूर्खता के द्वारा विश्वास करनेवालों का उद्धार करे।
क्योंकि यहूदी तो चिह्न माँगते हैं और यूनानी ज्ञान की खोज में रहते हैं, परंतु हम क्रूस पर चढ़ाए गए मसीह का प्रचार करते हैं, जो यहूदियों के लिए ठोकर का कारण और गैरयहूदियों के लिए मूर्खता है, परंतु उन बुलाए हुओं के लिए, चाहे वे यहूदी हों या यूनानी, मसीह परमेश्वर का सामर्थ्य और परमेश्वर का ज्ञान है।
क्योंकि मसीह ने मुझे बपतिस्मा देने के लिए नहीं बल्कि सुसमाचार सुनाने के लिए भेजा है, और वह भी शब्दों के ज्ञान के द्वारा नहीं, कहीं ऐसा न हो कि मसीह का क्रूस व्यर्थ ठहरे।
परंतु तुम एक चुना हुआ वंश, राजकीय याजकों का समाज, पवित्र लोग, और परमेश्वर की निज प्रजा हो, ताकि तुम उसके सद्गुणों को प्रकट करो, जिसने तुम्हें अंधकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है।