Crianças
As crianças ocupam lugar especial no coração de Deus. A Bíblia instrui a educá-las, protegê-las e ensiná-las nos caminhos do Senhor desde cedo — formando gerações que temem a Deus.
Herança do Senhor
Os filhos são herança do Senhor. Eles são presentes de Deus — cada criança é um milagre e uma responsabilidade sagrada.
संतान याहवेह के दिए हुए निज भाग होते हैं,
तथा बालक उनका दिया हुआ उपहार.
हमारे पुत्र अपनी युवावस्था में
परिपक्व पौधों के समान हों,
और हमारी पुत्रियां कोने के उन स्तंभों के समान,
जो राजमहल की सुंदरता के लिए सजाये गए हैं.
आपने ही मेरे आन्तरिक अंगों की रचना की;
मेरी माता के गर्भ में आपने मेरी देह की रचना की.
मैं आपके प्रति कृतज्ञ हूं, क्योंकि आपने मेरी रचना भयानक एवं अद्भुत ढंग से की है;
आश्चर्य हैं आपके कार्य,
मेरे प्राणों को इसका पूर्ण बोध है.
युवा अपना आचरण कैसे स्वच्छ रखे?
आपके वचन पालन के द्वारा.
युवा अपना आचरण कैसे स्वच्छ रखे?
आपके वचन पालन के द्वारा.
मेरे बालको, निकट आकर ध्यान से सुनो;
मैं तुम्हें याहवेह के प्रति श्रद्धा सिखाऊंगा.
Instruir as crianças
Instrui a criança no caminho em que deve andar. A educação cristã é mandamento repetido através de toda a Escritura.
अपनी संतान को उसी जीवनशैली के लिए तैयार कर लो,
जो सुसंगत है, वृद्ध होने पर भी वह इससे भटकेगा नहीं.
अपनी संतान को उसी जीवनशैली के लिए तैयार कर लो,
जो सुसंगत है, वृद्ध होने पर भी वह इससे भटकेगा नहीं.
अपनी संतान को उसी जीवनशैली के लिए तैयार कर लो,
जो सुसंगत है, वृद्ध होने पर भी वह इससे भटकेगा नहीं.
बालक की प्रकृति में ही मूर्खता बंधी रहती है,
अनुशासन की छड़ी से ही यह उससे दूर की जाती है.
बालक की प्रकृति में ही मूर्खता बंधी रहती है,
अनुशासन की छड़ी से ही यह उससे दूर की जाती है.
जो पिता अपने पुत्र को दंड नहीं देता, उसे अपने पुत्र से प्रेम नहीं है,
किंतु जिसे अपने पुत्र से प्रेम है, वह बड़ी सावधानीपूर्वक उसे अनुशासन में रखता है.
समझदार संतान अपने पिता की शिक्षा का पालन करती है,
किंतु ठट्ठा करनेवाले के लिए फटकार भी प्रभावहीन होती है.
मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना,
मेरे आदेशों को अपने हृदय में रखे रहना,
क्योंकि इनसे तेरी आयु वर्षों वर्ष बढ़ेगी
और ये तुझे शांति और समृद्धि दिलाएंगे.
मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना,
मेरे आदेशों को अपने हृदय में रखे रहना,
क्योंकि याहवेह उसे ही डांटते हैं, जिससे उन्हें प्रेम होता है,
उसी पुत्र के जैसे, जिससे पिता प्रेम करता है.
मेरे पिता ने मुझे शिक्षा देते हुए कहा था,
"मेरी शिक्षा अपने हृदय में दृढतापूर्वक बैठा लो;
मेरे आदेशों का पालन करते रहो, क्योंकि इन्हीं में तुम्हारा जीवन सुरक्षित है.
मेरे मुख से निकली शिक्षा से बुद्धिमत्ता प्राप्त करो, समझ प्राप्त करो;
न इन्हें त्यागना, और न इनसे दूर जाओ.
Disciplinar com amor
A vara e a repreensão dão sabedoria. A disciplina produz o fruto pacífico da justiça nos que são exercitados por ela.
ज्ञानोदय के साधन हैं डांट और छड़ी,
किंतु जिस बालक पर ये प्रयुक्त न हुए हों, वह माता की लज्जा का कारण हो जाता है.
संतान पर अनुशासन के प्रयोग से न हिचकना;
उस पर छड़ी के प्रहार से उसकी मृत्यु नहीं हो जाएगी.
अपने पिता की शिक्षाओं को ध्यान में रखना, वह तुम्हारे जनक है,
और अपनी माता के वयोवृद्ध होने पर उन्हें तुच्छ न समझना.
सत्य को मोल लो, किंतु फिर इसका विक्रय न करना;
ज्ञान, अनुशासन तथा समझ संग्रहीत करते जाओ.
जो व्यक्ति अपने पिता के प्रति हिंसक हो जाता तथा अपनी माता को घर से बाहर निकाल देता है,
ऐसी संतान है, जो परिवार पर लज्जा और निंदा ले आती है.
वह निर्धन व्यक्ति, जिसका चालचलन खराई है,
उस व्यक्ति से उत्तम है, जो कुटिल है और मूर्ख भी.
धर्मी जन निष्कलंक जीवन जीता है;
उसके बाद आनेवाली संतानें धन्य हैं.
एक किशोर के लिए भी यह संभव है, कि वह अपने चालचलन द्वारा अपनी विशेषता के लक्षण प्रकट कर दे,
कि उसकी गतिविधि शुद्धता तथा पवित्रता की ओर है अथवा नहीं?
मूर्ख पुत्र अपने पिता के लिए शोक का कारण होता है
और जिसने उसे जन्म दिया है उसके हृदय की कड़वाहट का कारण.
वयोवृद्धों का गौरव उनके नाती-पोतों में होता है,
तथा संतान का गौरव उनके माता-पिता में.
वयोवृद्धों का गौरव उनके नाती-पोतों में होता है,
तथा संतान का गौरव उनके माता-पिता में.
मूर्ख पुत्र की दृष्टि में पिता के निर्देश तिरस्कारीय होते हैं,
किंतु विवेकशील होता है वह पुत्र, जो पिता की डांट पर ध्यान देता है.
बुद्धिमान पुत्र अपने पिता के लिए आनंद एवं गर्व का विषय होता है,
किंतु मूर्ख होता है वह, जिसे अपनी माता से घृणा होती है.
नियमों का पालन करता है बुद्धिमान संतान,
किंतु पेटू का साथी अपने पिता को लज्जा लाता है.
मेरे पुत्र, अपने पिता के अनुशासन पर ध्यान देना
और अपनी माता की शिक्षा को न भूलना.
क्योंकि ये तुम्हारे सिर के लिए सुंदर अलंकार
और तुम्हारे कण्ठ के लिए माला हैं.
"मेरे पुत्रो, ध्यान से सुनो;
मेरे निर्देश सुनकर बुद्धिमान हो जाओ.
इनका परित्याग कभी न करना;
धन्य होते हैं वे, जो मेरी नीतियों पर चलते हैं.
Obediência e promessa
Filhos, obedecei a vossos pais no Senhor. Honra a teu pai e tua mãe para que viva muito tempo sobre a terra.
हे बालको, प्रभु में अपने माता-पिता का आज्ञापालन करें क्योंकि उचित यही है. "अपने माता-पिता का सम्मान करो"—आज्ञाओं में से यह ऐसी पहली आज्ञा है जिसके साथ प्रतिज्ञा जुड़ी है, "तुम्हारा भला हो और तुम पृथ्वी पर बहुत दिन तक जीवित रहो."
तुममें जो पिता हैं, अपनी संतान को क्रोध न दिलाएं, परंतु प्रभु की शिक्षा व अनुशासन में उनका पालन पोषण करें.
तुममें जो पिता हैं, अपनी संतान को क्रोध न दिलाएं, परंतु प्रभु की शिक्षा व अनुशासन में उनका पालन पोषण करें.
परमेश्वर की प्रेम पात्र संतान होने के नाते, तुम परमेश्वर के पीछे चलनेवाले बनो.
बालक हमेशा अपने माता-पिता की आज्ञापालन करें क्योंकि प्रभु के लिए यही प्रसन्नता है.
पिता अपनी संतान को असंतुष्ट न करे कि उनका साहस टूट जाए.
ये आदेश, जो आज मैं तुम्हारे सामने स्पष्ट कर रहा हूं, तुम्हारे हृदय में बैठ जाए. तुम ये आदेश अपनी संतान को सिखाया करना. जब तुम अपने घर में बैठे हुए हो, तब तुम इनका उल्लेख करोगे, जब तुम मार्ग में आगे बढ़ रहे हो, और जब तुम विश्राम के लिए लेटोगे या जब तुम नींद से उठोगे.
तुम ये आदेश अपनी संतान को सिखाया करना. जब तुम अपने घर में बैठे हुए हो, तब तुम इनका उल्लेख करोगे, जब तुम मार्ग में आगे बढ़ रहे हो, और जब तुम विश्राम के लिए लेटोगे या जब तुम नींद से उठोगे.
इसलिये तुम उनके नियमों और उनके आदेशों का पालन करोगे, जो आज मैं तुम्हें दे रहा हूं, कि तुम्हारा हित होता रहे और तुम्हारे बाद तुम्हारे वंशजों का भी, और तुम उस देश में, जो याहवेह तुम्हारे परमेश्वर तुम्हें स्थायी रूप से प्रदान कर रहे हैं, लंबी आयु तक रह सको.
बड़ी सावधानीपूर्वक मेरे इन आदेशों को सुनो, कि तुम्हारा और तुम्हारी संतान का भला हमेशा के लिए हो; क्योंकि ऐसा करने के द्वारा तुम वही कर रहे होगे, जो याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर की दृष्टि में सही है.
उन्होंने इस्राएलियों को आदेश दिया, "इन शब्दों को तुम हृदय में रख लो. ये मैं तुम्हें चेतावनी स्वरूप सौंप रहा हूं. तुम अपनी सन्तति को इन्हें सावधानीपूर्वक पालन करने का आदेश दोगे; इस विधान का पूरी तरह पालन करने का. क्योंकि यह कोई निरर्थक वक्तव्य नहीं है. वस्तुतः यही तुम्हारे जीवन है. इसी के मर्म के द्वारा उस देश में तुम अपने जीवन के दिनों का आवर्धन करोगे, जिसमें तुम यरदन पार करके प्रवेश करने पर हो, जिसका तुम अधिग्रहण करोगे."
Crianças e o reino
Deixai vir a mim as crianças. Jesus honrou as crianças como modelo de fé e humildade para todo o seu povo.
यह सुन येशु ने उनसे कहा, "बालकों को यहां आने दो, उन्हें मेरे पास आने से मत रोको क्योंकि स्वर्ग-राज्य ऐसों का ही है."
यह सुन येशु ने उनसे कहा, "बालकों को यहां आने दो, उन्हें मेरे पास आने से मत रोको क्योंकि स्वर्ग-राज्य ऐसों का ही है."
तब शिष्यों ने येशु के पास आकर उनसे पूछा, "स्वर्ग-राज्य में सबसे बड़ा कौन है?"
येशु ने एक बालक को पास बुलाकर उसे उनके सामने खड़ा करते हुए कहा, मैं तुम्हें एक सच्चाई बताना चाहता हूं: "जब तक तुम बदलकर बालक के समान न हो जाओ, तुम्हारा प्रवेश स्वर्ग-राज्य में किसी प्रकार न होगा. जो कोई स्वयं को इस बालक के समान विनम्र कर लेगा, वही स्वर्ग-राज्य में सबसे बड़ा है;
मैं तुम्हें एक सच्चाई बताना चाहता हूं: "जब तक तुम बदलकर बालक के समान न हो जाओ, तुम्हारा प्रवेश स्वर्ग-राज्य में किसी प्रकार न होगा. जो कोई स्वयं को इस बालक के समान विनम्र कर लेगा, वही स्वर्ग-राज्य में सबसे बड़ा है; और जो कोई ऐसे बालक को मेरे नाम में ग्रहण करता है, मुझे ग्रहण करता है.
"ध्यान रखो कि तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ दृष्टि से न देखो. मैं तुम्हें बताता हूं कि स्वर्ग में इनके स्वर्गदूत इनके लिए मेरे पिता के सामने विनती करने के उद्देश्य से हमेशा उपस्थित रहते हैं. [
यह वह अवसर था जब येशु ने इस प्रकार कहा: "पिता! स्वर्ग और पृथ्वी के स्वामी, मैं आपकी स्तुति करता हूं कि आपने ये सभी सच बुद्धिमानों और ज्ञानियों से छुपा रखे और नन्हे बालकों पर प्रकट कर दिए क्योंकि पिता, आपकी दृष्टि में यही अच्छा था.
धन्य हैं वे, जो शांति कराने वाले हैं,
क्योंकि वे परमेश्वर की संतान कहलाएंगे.
मसीह येशु को छू लेने के उद्देश्य से लोग बालकों को उनके पास ला रहे थे. इस पर शिष्य उन्हें डांटने लगे. यह देख मसीह येशु ने अप्रसन्न होते हुए उनसे कहा, "बालकों को यहां आने दो, उन्हें मेरे पास आने से मत रोको क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों का ही है.
उन्होंने एक बालक को उनके मध्य खड़ा किया और फिर उसे गोद में लेकर शिष्यों को संबोधित करते हुए कहा, "जो कोई ऐसे बालक को मेरे नाम में स्वीकार करता है, मुझे स्वीकार करता है तथा जो कोई मुझे स्वीकार करता है, वह मुझे नहीं परंतु मेरे भेजनेवाले को स्वीकार करता है."
प्रभु येशु बुद्धि डीलडौल तथा परमेश्वर और मनुष्यों की कृपादृष्टि में बढ़ते चले गए.
भोजन के बाद मसीह येशु ने शिमओन पेतरॉस से प्रश्न किया, "योहन के पुत्र शिमओन, क्या तुम इन सबसे बढ़कर मुझसे प्रेम करते हो?"
उन्होंने उत्तर दिया, "जी हां, प्रभु, आप जानते हैं कि मैं आपसे प्रेम करता हूं."
मसीह येशु ने उनसे कहा, "मेरे मेमनों को चराओ."
Identidade e crescimento
Somos filhos de Deus pelo Espírito de adoção. Crescer em Cristo é amadurecer em fé, obediência e amor ao próximo.
परंतु जितनों ने उन्हें ग्रहण किया अर्थात् उनके नाम में विश्वास किया, उन सबको उन्होंने परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दिया;
वे सभी, जो परमेश्वर के आत्मा द्वारा चलाए जाते हैं, परमेश्वर की संतान हैं.
तुम्हें दासत्व की वह आत्मा नहीं दी गई, जो तुम्हें दोबारा भय की ओर ले जाये, परंतु तुम्हें लेपालकपन की आत्मा प्रदान की गई है. इसी की प्रेरणा से हम पुकारते हैं, "अब्बा! पिता!"
स्वयं पवित्र आत्मा हमारी आत्मा के साथ इस सच्चाई की पुष्टि करते हैं कि हम परमेश्वर की संतान हैं
सृष्टि बड़ी आशा भरी दृष्टि से परमेश्वर की संतान के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रही है.
इसलिये तुम सब मसीह येशु में विश्वास द्वारा परमेश्वर की संतान हो, तुम सबने जो मसीह में बपतिस्मा लिया है, मसीह को धारण कर लिया है.
विचार तो करो कि कैसा अथाह है हमारे प्रति परमेश्वर पिता का प्रेम, कि हम परमेश्वर की संतान कहलाएं; जो वास्तव में हम हैं. संसार ने परमेश्वर को नहीं पहचाना इसलिये वह हमें भी नहीं पहचानता.
प्रिय भाई बहनो, अब हम परमेश्वर की संतान हैं और अब तक यह प्रकट नहीं किया गया है कि भविष्य में हम क्या बन जाएंगे किंतु हम यह अवश्य जानते हैं कि जब वह प्रकट होंगे तो हम उनके समान होंगे तथा उन्हें वैसा ही देखेंगे ठीक जैसे वह हैं. हर एक व्यक्ति, जिसने उनसे यह आशा रखी है, स्वयं को वैसा ही पवित्र रखता है, जैसे वह पवित्र हैं.
बच्चों, यह सब मैं तुम्हें इसलिये लिख रहा हूं,
कि मसीह येशु के नाम के लिए तुम्हारे पाप क्षमा किए गए हैं.
बच्चों, स्वयं को मूर्तियों से बचाए रखो.
वह अपने परिवार का उत्तम प्रबंधक हो. संतान पर उसका गरिमा से भरा अनुशासन हो.
यदि कोई अपने परिजनों, विशेषकर अपने परिवार की चिंता नहीं करता है, उसने विश्वास का त्याग कर दिया है और वह अविश्वासी व्यक्ति से भी तुच्छ है.
क्या तुम उस उपदेश को भी भुला चुके हो जो तुम्हें पुत्र मानकर किया गया था?
"मेरे पुत्र, प्रभु के अनुशासन को व्यर्थ न समझना,
और उनकी ताड़ना से साहस न छोड़ देना,
क्योंकि प्रभु अनुशासित उन्हें करते हैं,
जिनसे उन्हें प्रेम है तथा हर एक को,
जिसे उन्होंने पुत्र के रूप में स्वीकार किया है, ताड़ना भी देते हैं."
सताहट को अनुशासन समझकर सहो. परमेश्वर का तुमसे वैसा ही व्यवहार है, जैसा पिता का अपनी संतान से होता है. भला कोई संतान ऐसी भी होती है, जिसे पिता अनुशासित न करता हो? अनुशासित तो सभी किए जाते हैं किंतु यदि तुम अनुशासित नहीं किए गए हो, तुम उनकी अपनी नहीं परंतु अवैध संतान हो. इसके अतिरिक्त हमें अनुशासित करने के लिए हमारे शारीरिक पिता हैं, जिनका हम सम्मान करते हैं. परंतु क्या यह अधिक सही नहीं कि हम आत्माओं के पिता के अधीन रहकर जीवित रहें!
किसी भी प्रकार का अनुशासन उस समय तो आनंद कर नहीं परंतु दुःखकर ही प्रतीत होता है, किंतु जो इसके द्वारा शिक्षा प्राप्त करते हैं, बाद में उनमें इससे धार्मिकता की शांति भरा प्रतिफल इकट्ठा किया जाता है.
उन्होंने उत्तर दिया, "प्रभु येशु मसीह में विश्वास कीजिए, आपको उद्धार प्राप्त होगा—आपको तथा आपके परिवार को."
जवानी की अभिलाषाओं से दूर भागो तथा उनकी संगति में धार्मिकता, विश्वास, प्रेम और शांति का स्वभाव करो, जो निर्मल हृदय से प्रभु को पुकारते हैं
उन शिक्षाओं को, जो तुमने अनेकों गवाहों की उपस्थिति में मुझसे प्राप्त की हैं, ऐसे विश्वासयोग्य व्यक्तियों को सौंप दो, जिनमें बाकियों को भी शिक्षा देने की क्षमता है.
Transmitir a fé
Contaremos à geração vindoura os louvores do Senhor. O legado de fé é o maior presente que damos aos nossos filhos.
वे याहवेह द्वारा सिखाए हुए होंगे,
और उनको बड़ी शांति मिलेगी.
वे याहवेह द्वारा सिखाए हुए होंगे,
और उनको बड़ी शांति मिलेगी.
जीवित व्यक्ति ही आपका धन्यवाद कर सकते हैं,
जिस प्रकार मैं आज कर रहा हूं;
पिता अपनी संतान से
आपकी विश्वस्तता की बात बताता है.
"क्या यह हो सकता है कि माता अपने बच्चे को भूल जाए
और जन्माए हुए बच्चे पर दया न करे?
हां, वह तो भूल सकती है,
परंतु मैं नहीं भूल सकता!
देख, मैंने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है;
तेरी शहरपनाह सदैव मेरे सामने बनी रहती है.
जब मुझे उनके मन में आ रहे डर का अहसास हुआ, मैंने रईसों, अधिकारियों और बाकी लोगों को यह कहा, "कोई ज़रूरत नहीं उनसे डरने की! आप याद रखिए: सिर्फ प्रभु को, जो महान और प्रतापी है. अपने भाइयों, अपने पुत्रों, अपनी पुत्रियों, अपनी पत्नियों और अपने घरों की भलाई को ध्यान में रखकर युद्ध के लिए तैयार हो जाइए."
उस समय बालक शमुएल एली के सामने याहवेह की सेवा कर रहा था. उन दिनों याहवेह का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलते थे.
मेरे लिए इससे बढ़कर और कोई आनंद नहीं कि मैं यह सुनूं कि मेरे बालकों का स्वभाव सच्चाई के अनुसार है.
मेरे लिए इससे बढ़कर और कोई आनंद नहीं कि मैं यह सुनूं कि मेरे बालकों का स्वभाव सच्चाई के अनुसार है.
याहवेह द्वारा किए गए स्तुत्य कार्य,
जो उनके सामर्थ्य के अद्भुत कार्य हैं,
इन्हें हम इनकी संतानों से गुप्त नहीं रखेंगे;
उनका लिखा भावी पीढ़ी तक किया जायेगा.
प्रभु ने याकोब के लिए नियम स्थापित किया
तथा इस्राएल में व्यवस्था स्थापित कर दिया,
इनके संबंध में परमेश्वर का आदेश था
कि हमारे पूर्वज अगली पीढ़ी को इनकी शिक्षा दें,
कि आगामी पीढ़ी इनसे परिचित हो जाए, यहां तक कि वे बालक भी,
जिनका अभी जन्म भी नहीं हुआ है,
कि अपने समय में वे भी अपनी अगली पीढ़ी तक इन्हें बताते जाए.
तब वे परमेश्वर में अपना भरोसा स्थापित करेंगे
और वे परमेश्वर के महाकार्य भूल न सकेंगे,
तथा उनके आदेशों का पालन करेंगे.