Ganância
A ganância é raiz de todos os males. A Bíblia alerta contra a cobiça, o acúmulo egoísta e o amor ao dinheiro, chamando-nos ao contentamento e à confiança em Deus.
O amor ao dinheiro
O amor ao dinheiro é raiz de todos os males. Quem quer enriquecer cai em tentação, armadilha e desejos insensatos.
क्योंकि धन का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसकी लालसा में कितने ही लोगों ने विश्वास से भटककर अपने आपको अनेक दुःखों से छलनी कर लिया है।
परंतु जो धनी होना चाहते हैं वे ऐसी परीक्षा, फंदे और अनेक मूर्खतापूर्ण तथा हानिकारक अभिलाषाओं में पड़ जाते हैं जो मनुष्यों को पतन और विनाश के समुद्र में डुबा देती हैं।
"कोई भी दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता; क्योंकि वह या तो एक से घृणा करेगा और दूसरे से प्रेम रखेगा, या एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्छ जानेगा; तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते।
इसलिए जो कुछ तुममें सांसारिक है उसे मार डालो, जैसे व्यभिचार, अशुद्धता, कामुकता, बुरी लालसा, तथा लोभ को जो मूर्तिपूजा है।
जैसा कि पवित्र लोगों के लिए उचित है, तुम्हारे बीच व्यभिचार, किसी भी प्रकार की अशुद्धता या लालच का नाम तक न लिया जाए,
Contentamento
Tende cuidado e guardai-vos de toda espécie de ganância. A vida de um homem não consiste na abundância dos bens que possui.
फिर उसने उनसे कहा,"ध्यान दो, हर प्रकार के लोभ से बचे रहो, क्योंकि किसी का जीवन उसकी संपत्ति के अधिक होने पर निर्भर नहीं होता।"
क्योंकि मनुष्य यदि सारे जगत को प्राप्त कर ले परंतु अपने प्राण की हानि उठाए तो उसे क्या लाभ होगा?
"अपने लिए पृथ्वी पर धन इकट्ठा मत करो, जहाँ कीड़ा और ज़ंग उसको बिगाड़ते हैं, और जहाँ चोर सेंध लगाते और चुराते हैं; परंतु अपने लिए स्वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहाँ न तो कीड़ा और न ही ज़ंग उसे बिगाड़ते हैं, और जहाँ चोर न तो सेंध लगाते और न चुराते हैं;
धनी होने के लिए परिश्रम न कर;
इस पर अधिक ध्यान देना छोड़ दे।
छल से कमाया गया धन घटता जाता है,
पर परिश्रम करके जमा किया गया धन बढ़ता जाता है।
Riqueza ilusória
As riquezas são passageiras. Quem ama o dinheiro nunca terá o suficiente. O contentamento com o que se tem é verdadeira riqueza.
जो धन से प्रेम रखता है वह धन से संतुष्ट नहीं होगा, और धन-संपत्ति से प्रेम रखनेवाला भी उसके लाभ से संतुष्ट नहीं होगा। यह भी व्यर्थ है।
जैसे वह अपनी माँ के गर्भ से नंगा आया था, वैसे ही नंगा लौट जाएगा। वह अपने परिश्रम के फल में से कुछ भी अपने साथ नहीं ले जा सकेगा।
वह दिन भर लालसा ही किया करता है,
परंतु धर्मी देता रहता है
और अपना हाथ नहीं रोकता।
इसी कारण तुम कर भी चुकाते हो; क्योंकि अधिकारी परमेश्वर के सेवक हैं जो निरंतर इसी सेवा में लगे हैं।
मेरे मन को अनुचित लाभ की ओर नहीं,
बल्कि अपनी नीतियों की ओर फेर दे।