Honestidade
A honestidade é virtude cristã fundamental. Deus é Deus de verdade e nos chama a viver com integridade, transparência e retidão em todos os nossos relacionamentos e negócios.
Integridade diante de Deus
O Senhor abomina a balança falsa, mas o peso justo é seu prazer. A integridade dos justos os guia pelos caminhos retos.
अमिना सबच लुकयो अना लाज को काम लक बेगरो भईसेजन, आमी कोनी धोका को काम नही करतत, ना आमी परमेस्वर को बचन ला खोटो साबीत करसेजन। अना खराई लक आमी परमेस्वर को डोरा को पुड़ा रव्हसेजन। हरेक को डिमाक लक भलाई करन को कोसीस मा रव्हसेजन
कायको लाय का जोन गोस्टी केवल पिरभू को कठा नही पर मानूसगिन को जवर भी सजरा सेत आमी वोचको चिन्ता करासेजन।
Praticar a honestidade
Falai a verdade, pagai o que deveis, não negueis ao próximo o bem. A honestidade prática é testemunho do evangelho.
अना एक दुजो लक झुठो नोको बोलने काहेकि तुमी ना जुनो मानुसरुप ला ओको कामगीन सकट उतार डाकईसो।
एकोलाय हरेक को हक देव, जोनला जमा पटानो से, उनको जमा पटाओ, जोको लक डरानो जरुरी से, वोको लक डराव, जोनको आदर करनो से, वोको आदर करो।
यो च कारन सेत, का तुम्ही जमा पटावा सेव। काहेका हरेक अधिकारी परमेस्वर को काम करा सेत। अना आपरो करतब ला पूरो करा सेत।
बुराई को बदला मा कोनी को बुराई नोको करो।
Confissão e transparência
Confessai as vossas ofensas uns aos outros. Quem confessa e deixa o pecado encontra misericórdia e restauração.
एकोलाय तुमी आपसी मा एक दुसरो को पुड़ा अपरो-अपरो पाप गीन ला मान लेव लेने अना एक दुसरो को लाई पिराथना करो जेनको लक साजरा भय जाहो धरमी जन की पिराथना लक लगत काही होहे सकासे।
पर अगा मोरा भाऊ गीन सबरी गोस्टी लक मोठा सेव का किरया नही खाना नही सरग की न धरती की न कोनी अना चीज पर तुमरी गोस्टी होय को होय अना नही को नही तुमी दंड को योग न ठहयारावो।
पर जोन अक्ल वरता लक आवासे उ पहेल त पवीतर होवासे मंग मेल-मिलाप नरम अखीन भला सुभाव अना दया सान्ती अखीन साजरो फर गीन लक लदी हुई अना पक्स-पात को बगर अखीन निस्कपट होवासे।
यदि आमी कव्हबिन का आमी ओको संगी सेजन अना पाप को अंधारो जिंदगी ला जीवत रहया ता आमी खोटो कव्हसेजन अना खरो को अनुसरन नही कर रही सेजन।
ओ टुरागीन, आमी गोस्टी अना जुबान लकच नही, पर काम अना खराई लक भी माया करबीन।
Coração puro
Bem-aventurados os puros de coração, porque verão a Deus. A honestidade começa no interior e se manifesta nas ações.
"धन्य सेत वय, जोनको मन सुध्द सेत,
काहे उ परमेस्वर ला, चोहेत।"
अपरो आप ला परमेस्वर ला पावनो काबील अना असो काम करन वालो ठहरानो को जतन कर जोन लज्जित होवन नही पाहे अना जोन खरो बचन ला सही रीती लक काम मा आनासेत।
फूला पर दियो
"दियो पेटावनो को मंघा, बरतन लक नही ढाकासे, अखीन ना खाट को खाल्या ठेवासे। मंघ फूल मा राखसेत, का भीतर अवन वालो ला, उजाड़ो दिसेत।"