Mente
A mente é campo de batalha espiritual. A Bíblia nos chama a renovar o entendimento, pensar com sabedoria e buscar a mente de Cristo em todas as áreas da vida.
Amar a Deus com a mente
O maior mandamento inclui amar a Deus com toda a mente. A vida intelectual deve ser consagrada ao Senhor.
यीशु नै उसतै कह्या, "तू परमेसवर अपणे प्रभु तै अपणे पूरे मन अर अपणे सारे प्राण अर अपणी सारी बुद्धि के साथ प्यार राख।
धरती पै की न्ही पर सुर्गीय चिज्जां पै ध्यान लगाओ,
इस करकै ध्यान तै देक्खों, के किसा जीवन जीण लागरे सों। बेअक्ला की तरियां न्ही पर अकलमंद की तरियां जिओ। मौक्कै नै घणा कीमती समझों, क्यूँके दिन बुरे सै।
क्यूँके मै उस अनुग्रह कै कारण जो मेरै ताहीं मिल्या सै, थारे म्ह तै हरेक तै कहूँ सूं, के जिसा समझणा चाहिये, उसतै बढ़कै कोए भी अपणे-आपनै ना समझै। पर इसकी बजाए सदबुध्दी राखकै, जिसा परमेसवर नै जितना बिश्वास थारे ताहीं दिया सै उसकै मुताबिक अपणे-आपनै समझो।
Sabedoria e discernimento
A sabedoria é melhor que rubis. Quem a encontra, encontra a vida. A mente sábia discerne, planeja e previne erros.
कितना धन्य सै वो माणस जो बुद्धि पावै, अर वो माणस जो समझ नै पावै,
जो बुद्धि नै पावै सै, वो अपणे प्राण का प्यार करण आळा ठहरै सै;
अर जो समझ नै धरी राक्खै सै उसका कल्याण होवै सै।
जुकर लोहा लोहे नै चमका देवै सै,
उस्से तरियां माणस का मुँह अपणे दोस्त की संगत तै चमकदार हो जावै सै।
मूर्ख अपणे पिता की शिक्षा का तिरस्कार करै सै,
पर जो डाँट नै मान्नै सै, वो समझदार हो जावै सै।
मूर्ख भी जिब चुप रहवै सै, तो बुद्धिमान गिण्या जावै सै;
अर जो अपणा मुँह बन्द राक्खै वो समझ आळा गिण्या जावै सै।
बुद्धिमान माणस बिप्दा नै आन्दे देखकै छुप जावै सै;
पर भोळे माणस आग्गै बढ़दे चाल्ले जावै सै, अर दुख ठावै सै।
Construir sobre a rocha
Quem ouve as palavras de Jesus e as pratica é como o sábio que edificou sobre a rocha firme e inabalável.
"इस करकै जो कोए मेरी इन बात्तां नै सुणकै उननै मान्नै सै, वो उस अकलमंद माणस की ढाळ होगा जिसनै अपणे घर की नीम चट्टान पै धरी।
जै थम समझदार अर परमेसवर की बात्तां नै समझण आळे माणस सों, तो इस बात नै नरमाई अर समझदारी तै एक आच्छा जीवन जी के, साबित करो।
क्यूँके मन्नै यो ठान लिया था, के मै मसीह यीशु अर उसकी क्रूस की मृत्यु के अलावा, किसे और चीज के बारें म्ह थारे तै ना सुणु।
सच यो सै के दुनिया की शरुआत तै ए परमेसवर के अनदेक्खे गुण, उसकी अनन्त सामर्थ्य अर उनका परमेसवरत्व, दुनिया म्ह सै, अर दिक्खै भी सै, इस करकै माणस कै धोरै कोए बहाना कोनी, के वो परमेसवर नै न्ही जाणता।
क्यूँके भोत बुद्धि कै गैल भोत घणे दुख भी होवै सै,
अर जो अपणा ज्ञान बढ़ावै सै वो अपणा दुख भी बढ़ावै सै।