1 फेर यहोवा नै मूसा तै कह्या, "तू, हारुन, नादाब, अबीहू, अर इस्राएलियाँ के सत्तर बुजुर्गां समेत यहोवा कै धोरै उप्पर आकै दूर तै दण्डवत करिये। 2 अर सिर्फ मूसा यहोवा कै धोरै आवै; पर वे धोरै ना आवैं, अर दुसरे माणस उसकै गैल उप्पर ना आवैं।"
3 फेर मूसा नै माणसां कै धोरै जाकै यहोवा की सारी बात अर सारे नियम सुणा दिए; फेर सारे माणस एक बोल म्ह बोल्लण लाग्गे, "जितनी बात यहोवा नै कही सैं उन सारी बात्तां नै हम मान्नागें।" 4 फेर मूसा नै यहोवा के सारे वचन लिख दिए। अर सबेरै उठकै पहाड़ कै तळै एक वेदी अर इस्राएल के बारहा गोत्रां के मुताबिक बारहा खम्भे भी बणवाए। 5 फेर उसनै कई इस्राएली जवान्ना ताहीं भेज्या, जिन नै यहोवा कै खात्तर होमबलि अर बळधां की मेलबलि चढ़ाए। 6 अर मूसा नै आध्धा लहू लेकै कटोरे म्ह भरया, अर आध्धा वेदी पै छिड़क दिया। 7 फेर करार की किताब नै लेकै माणसां ताहीं पढ़ सुणाया; उसनै सुणकै उननै कह्या, "जो कुछ यहोवा नै कह्या सै उन सारया नै हम करागें, अर उसके हुकम मान्नागें।" 8 फेर मूसा नै लहू लेकै माणसां पै छिड़क दिया, अर उनतै कह्या, "देक्खो, यो उस करार का लहू सै जिस ताहीं यहोवा नै इन सारे वचनां पै थारे गेल्या करया सै।"
9 फेर मूसा, हारुन, नादाब, अबीहू अर इस्राएलियाँं के सत्तर बुजुर्ग उप्पर गये, 10 अर इस्राएल के परमेसवर का दर्शन करया; अर उसकै चरणां कै तळै नीलमणि का चोंतरा जिसा कुछ था, जो अकास कै तरियां ए स्वच्छ था। 11 अर उसनै इस्राएलियाँ के प्रधानां पै हाथ ना बढ़ाया; फेर उननै परमेसवर का दर्शन करया, अर खाया-पिया।
12 फेर यहोवा नै मूसा तै कह्या, "पहाड़ पै मेरै धोरै चढ़, अर ओड़ै रह; अर मै तन्नै पत्थर की तख्ती, अर अपणे लिक्खे होए नियम-कायदे अर हुकम देऊँगा, ताके तू उन माणसां नै सिखा सकै।" 13 फेर मूसा अर उसका सेवक यहोशू परमेसवर कै पहाड़ पै चढ़ ग्या। 14 मूसा पहाड़ पै चढ़ण तै पैहले इस्राएल के बुजुर्गां तै न्यू कह ग्या, "जिब तक हम थारे धोरै फेर ना आवां तब ताहीं थम उरैए म्हारी बाट देखदे रहियो; अर सुणो, हारुन अर हूर थारे गैल सैं; तो जै किसे का मुकद्दमा हो तो उनकै ए धोरै जावै।"
15 फेर मूसा पहाड़ पै चढ़ ग्या, अर बाद्दळ नै पहाड़ ताहीं ढक लिया। 16 फेर यहोवा का तेज सीनै पहाड़ पै ठहर ग्या, अर वो बाद्दळ उसपै छः दिन तक छाया रह्या; अर सातमै दिन उसनै मूसा ताहीं बाद्दळ कै बिचाळै तै पुकारया। 17 अर इस्राएल के माणसां की निगांह म्ह यहोवा का तेज पहाड़ की चोट्टी पै प्रचण्ड आग जिसा दिक्खै था। 18 फेर मूसा बाद्दळ कै बिचाळै दाखल होकै पहाड़ पै चढ़ ग्या। अर मूसा पहाड़ पै चाळीस दिन अर चाळीस रात रह्या।