1 "झूठ्ठी बात ना फैलाईयो। अन्यायी गवाह बणकै दुष्ट माणस नै बचाण खात्तर उसकी मदद ना करियो। 2 बुराई करण कै खात्तर ना तो घणखरयां कै पाच्छै होइयो; अर ना उनकै पाच्छै लागकै मुकदमे म्ह न्याय बिगाड़ण ताहीं गवाही दियो; 3 अर कंगाल कै मुकदमे म्ह भी उसका पक्ष ना लिओ।"
4 "जै तेरे बैरी का बळध या गधा भटकदा होया तन्नै मिलै, तो उस ताहीं उसकै धोरै जरुर मोड़ ले आईये। 5 फेर जै तू अपणे बैरी के गधे नै बोझ के मारे दब्या होया देक्खै, तो चाहे उस ताहीं उसकै माल्लिक कै छुड़ाण कै खात्तर तेरा मन ना चावै, फेर भी जरुर माल्लिक कै गेल्या जाकै उसनै छुड़ा लिये।"
6 "तेरे माणसां म्ह तै जो गरीब हों तो उस ताहीं मुकदमे म्ह न्याय दुआण खात्तर पाच्छै ना हटिये। 7 झूठ्ठे मुकदमे तै दूर रहियो, अर बेकसूर, अर धर्मी नै घात ना करियो, क्यूँके मै दुष्ट नै माफ न्ही कर सकदा। 8 रिसवत ना लिओ, क्यूँके रिसवत देखण आळयां नै भी आन्धा करदे सै, अर धर्मियाँ की बात पलट देवै सै।"
9 "परदेशी पै अंधेर ना करियो; थम तो परदेशी कै मन की बात जाणो सो, क्यूँके थम भी मिस्र देश म्ह परदेशी थे।"
10 "छः साल तक अपणी धरती म्ह बोईयो अर उसकी उपज कठ्ठी करियो; 11 पर सातमै साल म्ह उसनै खाल्ली रहण दियो अर उस्से तरियां ए छोड़ दिओ, ताके तेरे भाई-बन्धुआं म्ह के गरीब माणस उसतै खाण पावै, अर जो कुछ उनतै भी बचै वो जंगळी-पशुआं कै खाण कै काम म्ह आवै। अर अपणी अंगूर अर जैतून के बाग नै भी इसे तरियां ए करियो 12 छः दिन तक तो अपणा काम-काज करियो, अर सातमै दिन आराम करियो; ताके तेरे बळध अर गधे सुस्तावैं, अर तेरी दासियाँ के बेट्टे अर परदेशी भी अपणा जी ठण्डा कर सकै। 13 अर जो कुछ मन्नै थारे तै कह्या सै उस म्ह चौक्कस रहियो; अर दुसरे देवत्यां के नाम का जिक्र भी न्ही करियो, बल्के वे थारे मुँह तै सुणाई भी ना देवै।"
14 "हर साल तीन बार मेरै खात्तर त्यौहार मनाईयो। 15 अखमीरी रोट्टी का त्यौहार मनाईयो; उस म्ह मेरे हुकम कै मुताबिक अबीब महिन्ने के नियत बखत पै सात दिन तक अखमीरी रोट्टी खाया करियो, क्यूँके उस्से महिन्ने म्ह थम मिस्र देश तै लिकड़ आए। अर मेरै स्याम्ही कोए भी खाल्ली हाथ ना आईयो कुछ ना कुछ भेंट जरुर लेकै आवै। 16 अर जिब तेरी बोई होई खेत्ती की पैहली उपज त्यार हो, फेर कटणी का त्यौहार मनाईयो। अर साल कै अन्त म्ह जिब तू मेहनत कै फळ कठ्ठे करकै ढेर लगावै, फेर बटोरण का त्यौहार मनाईयो। 17 हर साल तीन्नु बार तेरे सारे माणस प्रभु यहोवा नै अपणा मुँह दिखावै।"
18 "मेरे बलिपशु का लहू खमीरी रोट्टी के गैल ना चढ़ाईयों, अर ना मेरे त्यौहार के उत्तम बलिदान म्ह तै कुछ सबेरै तक रहण दियो। 19 अपणी धरती की उपज का पैहला हिस्सा अपणे परमेसवर यहोवा कै भवन म्ह ले आईयो। बकरी का बच्चा उसकी माँ कै दूध म्ह ना पकाईयो।"
20 "सुण, मै एक दूत तेरे आग्गै-आग्गै भेज्जू सूं जो राह म्ह तेरी रुखाळी करैगा, अर जिस जगहां ताहीं मन्नै त्यार करया सै उस म्ह तन्नै पोहचावैगा। 21 उसकै स्याम्ही चौक्कस रहियो, अर उसकी हरेक बात मानिये, उसकी बात्तां का बिरोध ना करिये, क्यूँके वो थारा कसूर माफ कोनी करैगा; ज्यांतै के उस म्ह मेरा नाम रहवै सै। 22 अर जै तू सच म्ह उसकी मान्नै अर जो कुछ मै कहूँ वो करै, तो मै तेरे बैरियाँ का बैरी अर तेरे दुश्मनां का दुश्मन बणूँगा। 23 इस तरियां मेरा दूत तेरे आग्गै-आग्गै चालकै तन्नै एमोरी, हित्ती, परिज्जी, कनानी, हिब्बी, अर यबूसी माणसां कै धोरै पोहचावैगा, अर मै उन ताहीं मिटा दियुँगा। 24 उनकै देवत्यां नै दण्डवत ना करिये, अर ना उनकी भगति करिये, अर ना उनके जिस्से काम करिये, बल्के उन मूर्तियाँ नै पूरी तरियां तै सत्यानाश कर दिये, अर उन माणसां के स्तम्बा के टुकड़े-टुकड़े कर दिये। 25 थम अपणे परमेसवर यहोवा की उपासना करियो, फेर वो तेरे अन्न-पाणी पै आशीष देवैगा, अर तेरे बीच म्ह तै बीमारी दूर करैगा। 26 तेरे देश म्ह ना तो किसे का गर्भ गिरैगा, अर ना कोए बाँझ होवैगी; अर तेरी उम्र मै पूरी करुँगा। 27 जितने माणसां कै बीच म्ह तू जावैगा उन सारया कै मन म्ह मै अपणा डर पैहल्या तै इसा समा दियुँगा के उननै व्याकुल कर दियुँगा, अर मै तन्नै सारे दुश्मनां की पीठ दिखाऊँगा। 28 अर मै तेरे तै पैहल्या बर्रों नै भेज्जूँगा जो हिब्बी, कनानी, अर हित्ती माणसां नै तेरे स्याम्ही तै भगाकै दूर कर देंगी। 29 पर मै उननै तेरे आग्गै तै एक साल म्ह तो कोनी लिकाडु, इसा ना हो के देश उजाड़ हो जावै, अर जंगळी-पशु बढ़कै तन्नै दुख देण लाग्गै। 30 जिब तक तू फळ-फूल कै देश नै अपणे कब्जे म्ह ना लेले, जद तक मै उननै तेरे आग्गै तै थोड़ा-थोड़ा करकै लिकाड़दा रहूँगा। 31 मै लाल समुन्दर तै लेकै पलिश्तियाँ कै समुन्दर तक अर जंगल तै लेकै फरात तक कै देश नै तेरे बस म्ह कर दियुँगा; मै उस देश के बासिन्दया नै भी तेरे बस म्ह कर दियुँगा, अर तू उननै अपणे स्याम्ही तै जबरदस्ती लिकाड़ैगा। 32 तू ना तो उनतै करार करिये अर ना उनकै देवत्यां तै। 33 वे तेरे देश म्ह रहण न्ही पावै, इसा ना हो के वे तेरे पै मेरै खिलाफ पाप करावै; क्यूँके जै तू उनकै देवत्यां की उपासना करै, तो यो तेरे खात्तर फंदा बणैगा।"