Gravidez e maternidade
Gravidez e maternidade são bênçãos celebradas na Bíblia. Deus forma cada criança no ventre, cuida da mãe e da família, e abençoa a geração dos justos.
Filhos são herança do Senhor
Deus abençoa a fertilidade e o crescimento das famílias. Cada criança é obra de suas mãos, conhecida e amada antes mesmo de nascer.
Força e cuidado na gravidez
Deus dá forças à mulher grávida e a sustenta em cada etapa. Sua graça é suficiente e seu poder se aperfeiçoa na fraqueza.
जो मोला ताकत देवासे ओको लक मि सबच काही कर सकासेउ।
पर वोना मोरो लक सँगीस, "मोरो किरपा तोरो लाय गजब सेत, काहेका मोरो ताकत कमजोरी मा च चोवासेत यो काजी मी खुसी-खुसी लक आपरो कमजोरी पर गरब करबीन का मसीह को ताकत मरो पर सवली करत रव्हे।"
A bênção da maternidade
A Bíblia honra a maternidade como ministério sagrado. As mães são instrumentos de Deus para formar vidas e transmitir a fé.
तबच आई-माई लेकरा बारा पैदा करनो लक सुटकारा पाहे अदी वा संयम लक बिस्वास पिरेम अना पवितरपन मा ठैयराइ सेस।
जबा आदम आपरी बायको हव्वा को कठा गयो तबा वा पोट लक होयके कैन ला जलम देइस अना कह्यो, "मीना यहोवा को मदद लक एक मरद ला जलम देईसेउ।"
परमेस्वर ना सारा ला आसीरवाद दियो, जसो ओना वादा करयो होतो। सारा अबराहम लक पोट लक भयी अखीन वा अबराहम को लाय एक टूरा जलम दियो जसो का यहोवा ना कह्यो होतो। वा जब ऊ बूड़गा भय गयो त अबराहम को एक टूरा पैदा भयो। टूरा ठयरायो बेरा मा पैदा भयो होतो जब परमेस्वर न कह्यो होतो कि वा पैदा होयेत।
इसहाक ओ बायको रिबका वाखड़ होती, एकोलाय ओना रिबका लायी परमेस्वर लक बिनती करयो। अना परमेस्वर ना ओकी पिराथना आयकीस, असो परकार लक ओकी बायको पोट लक भयी।
Proteção divina
Deus protege a mãe e o bebê, guardando-os de todo mal. Ele acompanha cada momento com ternura e fidelidade.
Esperança e promessa
A maternidade é caminho de esperança. Como Sara, Ana e Isabel, as mães encontram na fé a força para aguardar as promessas de Deus.
बिस्वास को कारन च, अबराहम बूड़गा भयी गयो होतो। अना सारा वाखड़ होती। जोनना बचन दियो होतो। वोको पर बिस्वास करके पोट लक भयी अना अबराहम बाप बना दियो।
तू धन्य सेस, जोन ना बिस्वास लक असो करीसेस, का पिरभू ना जोन गोस्टी साँगीसेस, वो पूरी भई जाहेत।"
एको पर मरियम असो गावन लगी,
"मोरी जीव (मन) पिरभु को गुन-गान करासे।" मोरो जीव, आपरो मुक्ती देवन वालो,
परमेस्वर को खुसी मनावसे। काहे का वोना आपरो सेविका को गरीबी पर,
किरपा करीसेस। अब लक सब पीड़ी,
मोला धन्य कहेति। काहे का, गजब सक्तिसाली परमेस्वर ना,
मोरो लाय मोठयो काम करीसेस,
पवीतर से वोको नाव।
मी ओला आसीस देऊ, अना तोला ओको लक एक बेटा देऊ। अना मी वोला असी आसीस देऊ, का वा रास्ट गीन की माय बनेत, अना ओको खानदान मा राज्य- राज्य को राजा पैदा होयेत।"