Vida
A vida é um dom precioso de Deus. Desde a concepção até a eternidade, as Escrituras revelam o propósito, o valor e a plenitude da vida que o Senhor nos oferece.
Deus, o autor da vida
O Senhor é quem dá a vida e a sustenta. Cada ser humano foi formado por suas mãos com propósito e intenção divina.
तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा, और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूँक दिया; और आदम जीवित प्राणी बन गया। (1 कुरि. 15:45)
तूने मेरे अंदरूनी अंगों को बनाया है;
तूने मुझे माता के गर्भ में रचा।
मैं तेरा धन्यवाद करूँगा, इसलिए कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गयामैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया: भयानक अर्थात् भयभीत करनेवाली बातें जिनसे भय या श्रद्धा उत्पन्न होती है। अद्भुत रीति से रचा गया: का वास्तविक अर्थ है, विशिष्ट: या पृथक:। हूँ।
तेरे काम तो आश्चर्य के हैं,
और मैं इसे भली भाँति जानता हूँ। (प्रका. 15:3)
जब मैं गुप्त में बनाया जाता,
और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था,
तब मेरी देह तुझ से छिपी न थीं।
तेरी आँखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा;
और मेरे सब अंग जो दिन-दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहले
तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
क्योंकि जीवन का सोता तेरे ही पास हैजीवन का सोता तेरे ही पास है: सोता या स्रोत जहाँ से सम्पूर्ण जीवन प्रवाहित होता है। सब जीवित प्राणी उससे जीवन पाते हैं।;
तेरे प्रकाश के द्वारा हम प्रकाश पाएँगे। (यहू. 4:10,14, प्रका. 21:6)
मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूँगा;
जब तक मैं बना रहूँगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूँगा।
A vida em Cristo
Jesus é o caminho, a verdade e a vida. Nele encontramos sentido, plenitude e a promessa de vida abundante e eterna.
यीशु ने उससे कहा, "मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँमार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ: उनके कहने का मतलब यह हैं कि, वे और अन्य सभी केवल उन्हीं के माध्यम से परमेश्वर के पास पहुँच सकते है।; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता।
चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और हत्या करने और नष्ट करने को आता है। मैं इसलिए आया कि वे जीवन पाएँ, और बहुतायत से पाएँ।
यीशु ने उससे कहा, "पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँपुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ: अर्थात् वह पुनरुत्थान का कर्ता है या उसके होने का कारण है। , जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तो भी जीएगा। और जो कोई जीवित है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा। क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?"
यीशु ने उनसे कहा, "जीवन की रोटी मैं हूँजीवन की रोटी मैं हूँ: यीशु का मतलब है कि वह आत्मिक जीवन का सहारा है या उनकी शिक्षा जीवन और आत्मा के लिए शान्ति देगा।: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा।
जो मुझ पर विश्वास करेगाजो मुझ पर विश्वास करेगा: वह जो मुझे मसीह के रूप में स्वीकार करता है और उद्धार के लिए मुझ में विश्वास करता हैं।, जैसा पवित्रशास्त्र में आया है, ‘उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियाँ बह निकलेंगी।’"
मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूँ तो केवल उस विश्वास से जीवित हूँ, जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिसने मुझसे प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आपको दे दिया।
मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूँ तो केवल उस विश्वास से जीवित हूँ, जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिसने मुझसे प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आपको दे दिया।
Vivendo com sabedoria
A Bíblia nos orienta a viver com sabedoria, aproveitando bem o tempo, guardando o coração e buscando a vontade de Deus para cada dia.
हमको अपने दिन गिनने की समझ देहमको अपने दिन गिनने की समझ दे: उसकी प्रार्थना है कि परमेश्वर हमें निर्देश दे कि हम अपने दिनों की उचित गणना करें। उनकी संख्या, उनके समाप्त होने की शीघ्रता को कि अन्त शीघ्र ही आनेवाला है और भावी दशा पर उनका क्या प्रभाव पड़ेगा। कि हम बुद्धिमान हो जाएँ।
हे मेरे पुत्र, मेरी बातें सुनकर ग्रहण कर,
तब तू बहुत वर्ष तक जीवित रहेगा।
सबसे अधिक अपने मन की रक्षा कर;
क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है।
सबसे अधिक अपने मन की रक्षा कर;
क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है।
जो बुद्धि प्राप्त करता, वह अपने प्राण को प्रेमी ठहराता है;
और जो समझ को रखे रहता है उसका कल्याण होता है।
जो अपने मुँह की चौकसी करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है,
परन्तु जो गाल बजाता है उसका विनाश हो जाता है।
जो शिक्षा पर चलता वह जीवन के मार्ग पर है,
परन्तु जो डाँट से मुँह मोड़ता, वह भटकता है।
यहोवा का भय मानना, जीवन का सोता है,
और उसके द्वारा लोग मृत्यु के फंदों से बच जाते हैं।
जो धर्म और कृपा का पीछा करता हैजो धर्म और कृपा का पीछा करता है: जो धर्म का पालन करता है वह निश्चय ही उसे पाएगा परन्तु उसके अतिरिक्त वह "जीवन" एवं "सम्मान" भी पाएगा जिसकी वह खोज नहीं करता है।,
वह जीवन, धर्म और महिमा भी पाता है।
इसलिए ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो। और अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। (आमो. 5:13, कुलु. 4:5)
A vida no dia a dia
Cada dia é uma oportunidade de glorificar a Deus. A Escritura nos chama a viver com propósito, confiança e fé prática.
हे यहोवा, अपने मार्ग मुझ को दिखा;
अपना पथ मुझे बता दे।
निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर मेरे
साथ-साथ बनी रहेंगी;
और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूँगा।
मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं,
परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग
और मेरे हृदय की चट्टान बना है।
यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा;
वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।
यहोवा तेरे आने-जाने में
तेरी रक्षा अब से लेकर सदा तक करता रहेगायहोवा .... तेरी रक्षा अब से लेकर सदा तक करता रहेगा: अर्थात् हर जगह हर समय।।
क्योंकि तू मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है;
इसलिए अपने नाम के निमित्त मेरी अगुआई कर,
और मुझे आगे ले चल।
एक वर मैंने यहोवा से माँगा है,
उसी के यत्न में लगा रहूँगा;
कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊँ,
जिससे यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूँ,
और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूँ। (भज. 6:8, भज. 23:6, फिलि. 3:13)
यहोवा के सामने चुपचाप रह,
और धीरज से उसकी प्रतिक्षा कर;
उस मनुष्य के कारण न कुढ़, जिसके काम सफल होते हैं,
और वह बुरी युक्तियों को निकालता है!
मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूँगा;
क्योंकि उन्हीं के द्वारा तूने मुझे जिलाया है।
Prioridades e eternidade
Jesus nos lembra que a vida é mais que comida e o corpo mais que roupa. O que importa é buscar o Reino de Deus e viver para a eternidade.
इसलिए मैं तुम से कहता हूँ, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्ता न करना कि हम क्या खाएँगे, और क्या पीएँगे, और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहनेंगे, क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्त्र से बढ़कर नहीं? आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तो भी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उनको खिलाता है। क्या तुम उनसे अधिक मूल्य नहीं रखते? तुम में कौन है, जो चिन्ता करके अपने जीवनकाल में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है?
यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा?
उसने भीड़ को अपने चेलों समेत पास बुलाकर उनसे कहा, "जो कोई मेरे पीछे आना चाहे, वह अपने आप से इन्कार करे और अपना क्रूस उठाकर, मेरे पीछे हो ले। क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा, पर जो कोई मेरे और सुसमाचार के लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे बचाएगा। यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? और मनुष्य अपने प्राण के बदले क्या देगा? जो कोई इस व्यभिचारी और पापी जाति के बीच मुझसे और मेरी बातों से लजाएगाजो कोई .... मुझसे और मेरी बातों से लजाएगा: परमेश्वर से अपनी निजी उपस्थिति और कमी के कारण और उनके वचनों, सिद्धान्तों और निर्देशों से लजाना।, मनुष्य का पुत्र भी जब वह पवित्र स्वर्गदूतों के साथ अपने पिता की महिमा सहित आएगा, तब उससे भी लजाएगा।"
और उसने उनसे कहा, "सावधान रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आपको बचाए रखो; क्योंकि किसी का जीवन उसकी सम्पत्ति की बहुतायत से नहीं होता।"
और अनन्त जीवन यह है, कि वे तुझ एकमात्र सच्चे परमेश्वर को और यीशु मसीह को, जिसे तूने भेजा है, जानें।
क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।
और इस संसार के सदृश्य न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिससे तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।
क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं।
सबसे मेल मिलाप रखो, और उस पवित्रता के खोजी हो जिसके बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा। (1 पत. 3:11, भज. 34:14)
और जैसा हमने तुम्हें समझाया, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना-अपना काम-काज करने, और अपने-अपने हाथों से कमाने का प्रयत्न करो। कि बाहरवालों के साथ सभ्यता से बर्ताव करो, और तुम्हें किसी वस्तु की घटी न हो।
और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इसके बदले प्रभु से विरासत मिलेगी। तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो।
धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकलकर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिसकी प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करनेवालों को दी है।
तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चाल-चलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है।
क्योंकि
"जो कोई जीवन की इच्छा रखता है,
और अच्छे दिन देखना चाहता है,
वह अपनी जीभ को बुराई से,
और अपने होठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे;
वह मेल मिलाप को ढूँढ़े, और उसके यत्न में रहे।
जितने प्राणी हैं
सब के सब यहोवा की स्तुति करेंजितने प्राणी हैं सब के सब यहोवा की स्तुति करें: आकाश पृथ्वी और जल के सब प्राणी। एक विश्वव्यापी स्तुति का उदगार हो केवल संगीत वाद्द्यों से ही नहीं, सब जीवित प्राणी एक साथ उसकी स्तुति करें।!
यहोवा की स्तुति करो!
हर एक बातहर एक बात: मनुष्यों के काम और उनके साथ होनेवाली घटनाएँ। का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
क्योंकि मैं आज तुझे आज्ञा देता हूँ, कि अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करना, और उसके मार्गों पर चलना, और उसकी आज्ञाओं, विधियों, और नियमों को मानना, जिससे तू जीवित रहे, और बढ़ता जाए, और तेरा परमेश्वर यहोवा उस देश में जिसका अधिकारी होने को तू जा रहा है, तुझे आशीष दे।
"तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिससे जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसमें तू बहुत दिन तक रहने पाए।
हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं,
और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष भी हो जाएँ,
तो भी उनका घमण्ड केवल कष्ट और शोक ही शोक है;
क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
"हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त
मुझे मालूम हो जाए, और यह भी
कि मेरी आयु के दिन कितने हैं;
जिससे मैं जान लूँ कि कैसा अनित्य हूँ!
देख, तूने मेरी आयु बालिश्त भर की रखी है,
और मेरा जीवनकाल तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं।
सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर
क्यों न हों तो भी व्यर्थ ठहरे हैं। (सेला)
सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है;
सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं;
वह धन का संचय तो करता है
परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
वह कौन मनुष्य है जो जीवन की इच्छा रखता,
और दीर्घायु चाहता है ताकि भलाई देखे?
अपनी जीभ को बुराई से रोक रख,
और अपने मुँह की चौकसी कर कि
उससे छल की बात न निकले। (याकू. 1:26)
बुराई को छोड़ और भलाई कर;
मेल को ढूँढ़ और उसी का पीछा कर। (इब्रा. 12:14)
पक्के बाल शोभायमान मुकुट ठहरते हैं;
वे धर्म के मार्ग पर चलने से प्राप्त होते हैं।
जैसे जल में मुख की परछाई मुख को प्रगट करती है,
वैसे ही मनुष्य का मन मनुष्य को प्रगट करती है।