Viúvas
A Bíblia revela um cuidado especial de Deus pelas viúvas. Ao longo das Escrituras, encontramos mandamentos claros de proteção, justiça e compaixão, refletindo o caráter amoroso do Senhor.
A proteção divina
Deus se apresenta como defensor das viúvas, garantindo que não fiquem desamparadas. Ele acolhe os que sofrem e sustenta os que perderam seu amparo terreno.
परमेश्वर का गुणगान करो, जो मेघों पर विराजमान होकर आगे बढ़ते हैं,
उनकी महिमा का स्तवन करो, उनका नाम है याहवेह.
उपयुक्त है कि उनके सामने उल्लसित रहा जाए.
परमेश्वर अपने पवित्र आवास में अनाथों
के पिता तथा विधवाओं के रक्षक हैं.
याहवेह प्रवासियों की हितचिंता कर उनकी रक्षा करते हैं
वही हैं, जो विधवा तथा अनाथों को संभालते हैं,
किंतु वह दुष्टों की युक्तियों को नष्ट कर देते हैं.
यह इसलिये, कि मैं उन दीनों की सहायता के लिए तत्पर रहता था, जो सहायता की दोहाई लगाते थे.
तथा उन पितृहीनों की, जिनका सहायक कोई नहीं है.
जो मरने पर था, उस व्यक्ति की समृद्धि मुझे दी गई है;
जिसके कारण उस विधवा के हृदय से हर्षगान फूट पड़े थे.
Justiça e compaixão
A Palavra ordena que seu povo pratique a justiça, protegendo os mais frágeis e defendendo a causa dos necessitados.
निडरतापूर्वक न्याय प्रस्तुत करो और बिना पक्षपात न्याय दो;
निर्धनों और निर्धनों के अधिकारों की रक्षा करो.
आलेफ़
"सर्वशक्तिमान याहवेह ने यह कहा है: ‘निष्पक्ष न्याय करो; एक दूसरे के प्रति दया और सहानुभूति दिखाओ. विधवा या अनाथ, विदेशी या गरीब पर अत्याचार मत करो. एक दूसरे के विरुद्ध षड़्यंत्र मत करो.’
"तुम किसी विधवा अथवा अनाथ बालक को दुःख न देना. यदि तुम उन्हें किसी भी तरह से दुःख दोगे और उस दुःख में वे मुझे पुकारेंगे, तो मैं निश्चयतः उन्हीं की पुकार सुनूंगा. और मैं बहुत क्रोधित होऊंगा और तुम्हें तलवार से मार दूंगा और तुम्हारी पत्नी विधवा तथा तुम्हारे बच्चे अनाथ हो जाएंगे.
अच्छा काम करना सीखो;
दुखियों की सहायता करो.
अनाथों की रक्षा करो;
और विधवाओं को न्याय दिलवाओ."
O chamado da Igreja
No Novo Testamento, o cuidado com as viúvas é expressão genuína da fé cristã. Tiago declara que a religião pura inclui visitar os necessitados.
हमारे परमेश्वर और पिता की दृष्टि में बिलकुल शुद्ध और निष्कलंक भक्ति यह है: मुसीबत में पड़े अनाथों और विधवाओं की सुधि लेना तथा स्वयं को संसार के बुरे प्रभाव से निष्कलंक रखना.
असमर्थ विधवाओं का सम्मान करो.