54 अस जो शास्त्रलेख पुर्ण व्हई, हाई जो विनाशी त्यानी अविनाशीपण परिधान करा, अनी हाई जो मर्त्य त्यानी अमरत्व परिधान करा, अस जवय व्हई, "तवय मरणना नाश व्हईसन; विजय हाऊ पुर्ण व्हयना!"
54 अस जो शास्त्रलेख पुर्ण व्हई, हाई जो विनाशी त्यानी अविनाशीपण परिधान करा, अनी हाई जो मर्त्य त्यानी अमरत्व परिधान करा, अस जवय व्हई, "तवय मरणना नाश व्हईसन; विजय हाऊ पुर्ण व्हयना!"