मसीह का दुःख
18 मसीह नै भी म्हारे पापां खात्तर एके बार अपणी जान दे दी, यानी के एक धर्मी नै सारे अधर्मियाँ खात्तर दुख ठाया, ताके वो थमनै परमेसवर तक ले जावै, उसकी शारीरिक मौत तो होई पर परमेसवर की आत्मा के जरिये वो जिन्दा करया गया।
18 मसीह नै भी म्हारे पापां खात्तर एके बार अपणी जान दे दी, यानी के एक धर्मी नै सारे अधर्मियाँ खात्तर दुख ठाया, ताके वो थमनै परमेसवर तक ले जावै, उसकी शारीरिक मौत तो होई पर परमेसवर की आत्मा के जरिये वो जिन्दा करया गया।