मसीह का दुःख
18 मसीह नै भी म्हारे पापां खात्तर एके बार अपणी जान दे दी, यानी के एक धर्मी नै सारे अधर्मियाँ खात्तर दुख ठाया, ताके वो थमनै परमेसवर तक ले जावै, उसकी शारीरिक मौत तो होई पर परमेसवर की आत्मा के जरिये वो जिन्दा करया गया। 19 तब उसकी आत्मा नै उन आत्मायाँ ताहीं सुसमाचार सुणाया, अर प्रचार करया जो उस जगहां पै परमेसवर के जरिये कैद करी गई थी, जित्त मरे होए लोग्गां की आत्मा रहवै सै।