17 पर जिसा के पवित्र ग्रन्थ म्ह लिख्या सै,
जै कोए घमण्ड करै, तो वो प्रभु पै घमण्ड करै।
18 क्यूँके जो अपणी बड़ाई करै सै वो न्ही, पर जिसकी बड़ाई प्रभु करै सै, वोए प्रभु की निगांह म्ह सही कुह्वावै सै।
17 पर जिसा के पवित्र ग्रन्थ म्ह लिख्या सै,
जै कोए घमण्ड करै, तो वो प्रभु पै घमण्ड करै।
18 क्यूँके जो अपणी बड़ाई करै सै वो न्ही, पर जिसकी बड़ाई प्रभु करै सै, वोए प्रभु की निगांह म्ह सही कुह्वावै सै।