पैहली मुहर सफेद घोड़े पै सवार
1 फेर मन्नै देख्या, के मेम्ने नै उन सात्तु मोहरां म्ह तै एक ताहीं खोल्या, अर उन च्यांरु प्राणियाँ म्ह तै एक का गरजण जिसा शब्द सुण्या, के आ जाओ। 2 अर मन्नै निगांह करी, अर देक्खो, मन्नै एक धोळा घोड़ा दिख्या, अर उसका सवार धनुष लिए होड़ सै, अर उस ताहीं एक ताज पिहराया गया, अर वो सुर्ग तै चाल्या अर धरती पै लिकड़या, जो पैहले तै ए जीत चुका सै, अर फेर तै वो जीत जावैगा।