1हर एक बात का एक मौक्का अर हरेक काम का, जो आसमान कै नीच्चै होवै सै, एक बखत सै।
8प्यार करण का बखत अर बैर करण का भी बखत;लड़ाई का बखत अर मेल का भी बखत होवै सै।
12मन्नै जाण लिया सै के माणसां कै खात्तर आनन्द करण अर जिन्दगी भर भलाई करण के सिवाए, और किमे भी आच्छा न्ही;