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दानिय्येल 11:2-20

2 फेर माणस की तरियां दिखण आळे सुर्गदूत नै आगे कह्या, "अर इब मै तेरे ताहीं सच्‍ची बात बताऊँ सूं। देख, फारस के राज्य म्ह इब तीन अर राजा उठैगें; अर चौथा राजा उन सारया तै घणा अमीर होवैगा; अर जिब वो धन कै कारण ताकतवर होवैगा, फेर सारे माणसां नै यूनान के राज्य के बिरुध्द उभारैगा। 3 उसके पाच्छै एक पराक्रमी राजा11:3 या पद यूनान के महान राजा सिकंदर के बारे म्ह सै जो जीत्तण आळा राजा सै राज करण नै उठकै अपणा राज्य घणा बढ़ावैगा, अर अपणी इच्छा कै मुताबिक ए काम करया करैगा। 4 अर जिब उसका राज्य भोत बड़ा होवैगा, फेर उसका राज्य टूट्टैगा अर च्यांरु दिशा म्ह बट कै अलग-अलग हो जावैगा; अर ना तो उसके राज्य की शक्ति ज्यों की त्यों रहवैगी अर ना उसके वंश नै कुछ मिलैगा; क्यूँके उसका राज्य उखड़कै, उनकी उम्मीद अर माणसां नै मिलैगी।"

उतर अर दक्षिण के राजयां नै चेतावनी

5 "फेर मिस्र के दक्षिण देश का राजा11:5 दक्षिण देश का राजा यानिके मिस्र का राजा बल पकड़ैगा; पर उसका एक हाकिम उसतै घणा बल पकड़कै प्रभुता करैगा; उरै ताहीं के उसकी प्रभुता बड़ी हो जावैगी। 6 कई साल्‍लां के बीतण पै, वे दोन्‍नु आप्पस म्ह मिलैंगे, अर सीरिया के दक्षिण देश के राजा की बेट्टी उत्तर देश के राजा के धोरै शान्ति का करार बाँधण नै आवैगी; पर उसका बाहुबल बण्या ना रहवैगा11:6 उसका बाहुबल बण्या ना रहवैगा यानिके वो सीरिया नै इस शादी के गठबंधन कै जरिये, अपणे नियंत्रण म्ह ल्याण के खास मकसद म्ह धनवान न्ही होवैगा।, अर ना वो राजा अर ना उसका नाम रहवैगा; पर वा जनान्‍नी अपणे पोहचाण आळयां अर अपणे पिता अर अपणे सम्भाळण आळयां समेत अलग कर देई जावैगी।"

7 "फेर उसकी जड़ां म्ह तै एक ढाळ पैदा होकै उसकी जगहां म्ह बढ़ैगी; वो सेना समेत उत्तर के राजा के गढ़ म्ह बड़ैगा, अर उनतै युद्ध करकै हावी होवैगा। 8 फेर वो उसके देवत्यां की ढळी होई मूरतां, अर सोन्‍ने-चाँदी के मनभाऊ पात्रां नै खोसकै मिस्र म्ह ले जावैगा; इसके पाच्छै वो कुछ साल ताहीं उत्तर देश के राजा कै बिरुध्द हाथ रोक्‍के रहवैगा। 9 फेर वो राजा11:9 उत्तरी सीरिया का राजा मिस्र के दक्षिण देश के राजा के देश म्ह आवैगा, पर फेर अपणे देश म्ह बोहड़ जावैगा।"

10 "सीरिया के उत्तरी राज्य के राजा के बेट्टे झगड़ा मचाकै भोत-से बड़े-बड़े दल कठ्ठे करैंगे, अर उमड़ण आळी नदी की तरियां आकै देश के बीच होकै जावैंगे, फेर बोहड़दे होए उसके गढ़ ताहीं झगड़ा मचान्दे जावैंगे। 11 फेर दक्षिण देश का राजा चिड़ैगा, अर लिकड़कै उत्तर देश के उस राजा तै युद्ध करैगा, अर वो राजा लड़ण के खात्तर बड़ी भीड़ कठ्ठी करैगा, पर वो भीड़ उसके हाथ म्ह कर देई जावैगी। 12 उस भीड़ नै जीत कै मिस्र के दक्षिणी राज्य के राजा का मन फूल उठैगा, अर वो लाखां माणसां नै गिरावैगा, पर वो लगातार हावी ना होगा। 13 क्यूँके कुछ साल्‍लां के बाद उत्तर देश का राजा बोहड़कै पैहली तै भी बड़ी भीड़ कठ्ठी करैगा; अर कई दिनां बलके साल्‍लां के बीतण पै वो पक्‍का बड़ी सेना अर सम्पत्ति लिए होए आवैगा।"

14 "उन दिनां म्ह भोत-से माणस दक्षिण देश के राजा कै बिरुध्द उठैगें; बलके तेरे माणसां11:14 तेरे माणसां यानिके यहूदी माणस म्ह तै भी उड़दंग करण आळे माणस उठ खड़े होवैंगें, जिसतै इस दर्शन की बात पूरी हो जावैगी; पर वे ठोक्‍कर खाकै गिरैंगे। 15 फेर उत्तर देश का राजा आकै किला बाँधैगा अर मजबूत नगर ले लेवैगा। अर दक्षिण देश के ना तो प्रधान खड़े रहवैंगे अर ना बड़े वीर; क्यूँके किसे के खड़े रहण का बल ना रहवैगा। 16 फेर जो भी उनके खिलाफ आवैगा, वो अपणी इच्छा पूरी करैगा, अर वो हाथ म्ह सत्यानाश लिए होए शिरोमणि देश म्ह भी खड्या होवैगा अर उसका सामना करण आळा कोए ना रहवैगा। 17 फेर उत्तर देश का राजा अपणे राज्य के पूर्ण बल समेत11:17 अपणे राज्य के पूर्ण बल समेत उसके राज्य की सारी शक्ति को कठ्ठी करैगा। मिस्र पै आक्रमण करण कै खात्तर अर इस बिरोधी का तख्ता पलटण फेर उसनै दीन बणाण कै खात्तर यो जरूरी सै।, कई सीध्धे माणसां नै गैल लिए होए आण लागैगा, अर अपणी इच्छा कै मुताबिक काम करया करैगा। अर वो मिस्र के दक्षिण देश के राजा नै एक जनान्‍नी इस ताहीं देवैगा के उसका राज्य बिगाड़या जावै; पर वो पक्‍की ना रहवैगी, ना उस राजा की होवैगी। 18 फेर वो द्वीपां की और मुँह करकै घणखरयां नै ले लेगा; पर एक सेनापति उसके घमण्ड नै मिटावैगा; बलके उसके घमण्ड के जिसा उसनै बदला देवैगा। 19 फेर सीरिया के उत्तरी राज्य का राजा अपणे देश के गढ़ा की और मुँह फेरैगा, अर वो ठोक्‍कर खाकै गिरकै हार जावैगा, अर किते उसका पता ना रहवैगा11:19 या मौत की तरियां सै।।"

20 "फेर उसकी जगहां म्ह कोए इसा उठैगा, जो शिरोमणि राज्य म्ह अंधेर करण आळे नै घुमावैगा; पर थोड़े दिन्‍नां म्ह वो राजा छो या युद्ध करे बिना ए नाश हो जावैगा।"

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