1 कुछ साल्लां कै पाच्छै मादी क्षयर्ष के बेट्टे दारा, जो कसदियाँ के देश पै राजा ठहराया गया था, 2 उसके राज्य के पैहले साल म्ह, मुझ दानिय्येल नै शास्त्र के जरिये समझ लिया के यरुशलेम की उजड़ी होई हालत यहोवा के उस वचन कै मुताबिक, जो यिर्मयाह नबी के धोरै पोहच्या था, कुछ साल्लां के बीतण पै यानिके सत्तर साल कै बाद पूरी हो जावैगी। 3 फेर मै अपणा मुँह प्रभु परमेसवर की और करकै गिड़गिड़ाहट कै गैल प्रार्थना करण लाग्या, अर उपवास कर, टाट पैहर, राख म्ह बैठकै बिनती करण लाग्या। 4 मन्नै अपणे परमेसवर यहोवा तै इस तरियां प्रार्थना करी अर पाप का अंगीकार करया, "हे प्रभु, तू महान अर भययोग्य परमेसवर सै, जो अपणे प्यार राक्खण अर हुकम मानण आळयां के गैल अपणे करार नै पूरा करै अर करुणा करदा रहवै सै, 5 हम माणसां नै तो पाप, कुटिलता, बुराई अर धोक्खा करया सै, अर तेरे हुकम अर नियमां ताहीं तोड़ दिया सै। 6 अर तेरे जो दास नबी, म्हारे राजायां, हाकिमां, बुजुर्गां अर सब साधारण माणसां तै तेरे नाम तै बात करया करदे, उनकी हमनै न्ही सुणी। 7 हे प्रभु, तू धर्मी सै, पर हम माणसां नै आज कै दिन लज्जित होणा पड़ै सै, यानिके यरुशलेम के निवासी बाकी सारे यहूदी, के धोरै के दूर के सारे इस्राएली माणसां जिन ताहीं तन्नै उस धोक्खेबाजी कै कारण जो उननै तेरे गैल करी थी, देश-देश म्ह तित्तर-बितर कर दिया सै, उन सारया नै लज्जित होणा पड़ै सै। 8 हे यहोवा, हम माणसां नै अपणे राजायां, हाकिमां अर बुजुर्गां समेत तेरै खिलाफ पाप करया सै, इस कारण म्हारे ताहीं लज्जित होणा पड़ै सै। 9 पर, जै हम अपणे परमेसवर प्रभु तै फिर गये, तोभी तू दया का समुन्दर अर माफी की खान सै। 10 हम तो अपणे परमेसवर यहोवा की शिक्षा सुणण पै भी उसपै न्ही चाल्ले जो उसनै अपणे दास नबियाँ तै म्हारे ताहीं सुणाई। 11 बलके सब इस्राएलियाँ नै तेरे नियम-कायदे का उलंघण करया, अर इसे हटगे के तेरी न्ही सुणी। इस कारण जिस श्राप का जिक्र परमेसवर के दास मूसा के नियम-कायदे म्ह लिख्या होया सै, वो श्राप हम पै घट ग्या, क्यूँके हमनै उसके खिलाफ पाप करया सै। 12 इस करकै उसनै म्हारे अर म्हारे न्यायियाँ कै बारै म्ह जो तेरे वचन कहे थे, उन ताहीं हम पै या बड़ी विपत्ति गेरकै पूरा करया सै; उरै ताहीं के जिसी विपत्ति यरुशलेम पै पड़ी सै, उसीए सारी धरती पै और किते न्ही पड़ी। 13 जिस तरियां मूसा के नियम-कायदे म्ह लिख्या सै, उसे तरियां या सारी विपत्ति हम पै आण पड़ी सै, तोभी हम अपणे परमेसवर यहोवा नै मनाण कै खात्तर ना तो अपणे अधर्म कै काम तै फिरे, अर ना तेरी सच्ची बात्तां पै ध्यान दिया। 14 इस कारण यहोवा नै सोच विचार कर हम पै विपत्ति गेरी सै; क्यूँके म्हारा परमेसवर यहोवा जितने काम करै सै उन सारया म्ह धर्मी ठहरै सै; पर हमनै उसकी न्ही सुणी। 15 अर इब, हे म्हारे परमेसवर, हे प्रभु, तन्नै अपणी प्रजा ताहीं मिस्र देश तै, ताकत्त वर हाथ कै जरिये लिकाड़ ल्याकै अपणा इसा बड़ा नाम करया, जो आज ताहीं प्रसिद्ध सै, पर हमनै पाप करया सै अर बुराई ए करी सै। 16 हे प्रभु, म्हारे पापां अर म्हारे बुजुर्गां के अधर्म कै काम कै कारण यरुशलेम की अर तेरी प्रजा की, अर म्हारे लोवै-धोवै के सारे माणसां की ओड़ तै नामधराई हो रही सै; तोभी तू अपणे सारे धार्मिकता के काम्मां कै कारण अपणा गुस्सा अर जळजळाहट अपणे नगर यरुशलेम पै तै तारदे, जो तेरे पवित्र पर्वत पै बस्या सै। 17 हे म्हारे परमेसवर, अपणे दास की प्रार्थना अर गिड़गिड़ाहट सुणकै, अपणे उजड़े होए पवित्रस्थान पै अपणे मुँह का प्रकाश चमका; हे प्रभु, अपणे नाम कै अनुसार या कर। 18 हे मेरे परमेसवर, कान लगाकै सुण, आँख खोलकै म्हारी उजड़ी होई हालत अर उस नगर यरुशलेम नै भी देख जो तेरा कुहवावै सै; क्यूँके हम जो तेरे स्याम्ही गिड़गिड़ाकै प्रार्थना करां सैं, इस करकै अपणी धार्मिकता के काम्मां पै न्ही, बलके तेरी बड़ी दया ए के काम्मां पै भरोस्सा धरकै करां सां। 19 हे प्रभु, सुण ले; हे प्रभु, पाप माफी कर; हे प्रभु, ध्यान देकै जो करणा सै उसनै कर, देर ना कर; हे मेरे परमेसवर, तेरा नगर अर तेरी प्रजा तेरी ए कुहवावै सै; इस करकै अपणे नाम कै अनुसार इसाए कर।"
20 इस तरियां मै प्रार्थना करदा, अर अपणे अर अपणे इस्राएली जात्ति भाईयाँ के पाप का अंगीकार करदा होया, अपणे परमेसवर यहोवा कै स्याम्ही उसके पवित्र पर्वत कै खात्तर गिड़गिड़ाकै बिनती करदा ए था, 21 फेर वो माणस गब्रिएल जिस ताहीं मन्नै उस बखत देख्या जिब मेरे ताहीं पैहले दर्शन होया था, उसनै रफतार तै उड़ण का हुकम पाकै, साँझ के अन्नबलि के बखत मेरे ताहीं छू लिया; अर मेरे ताहीं समझाकै मेरे गैल बात करण लाग्या। 22 उसनै मेरे ताहीं कह्या, "हे दानिय्येल, मै तेरे ताहीं बुद्धि अर माहिरता देण ताहीं इब्बे लिकड़ आया सूं। 23 जिब तू गिड़गिड़ाकै बिनती करण लाग्या, जिब्बे इसका हुकम लिकड़या, इस करकै मै तेरे ताहीं बताण आया सूं, क्यूँके तू घणा प्यारा ठहरया सै; इस करकै उस बारै म्ह समझ ले अर दर्शन की बात का मतलब जाण ले।"
24 "तेरे माणसां अर तेरे पवित्र नगर यरुशलेम कै खात्तर सत्तर सप्ताह ठहराए गए सैं के उनके अन्त ताहीं अपराध का होणा बन्द हो, अर पापां का अन्त अर अधर्म का प्रायश्चित करया जावै, अर युग-युग की धार्मिकता प्रगट हो; अर दर्शन की बात पै अर भविष्यवाणी पै छाप दी जावै, अर परमपवित्र स्थान का अभिषेक करया जावै। 25 इस करकै या जान अर समझ ले, के यरुशलेम के फेर बसाण का हुकम के लिकड़ण तै लेकै अभिषिक्त प्रधान के बखत ताहीं सात सप्ताह बीतैगें। फेर बासठ सप्ताहां के बीतण पै चौक अर खाई समेत वो नगर कष्ट के बखत म्ह फेर बसाया जावैगा। 26 अर उन बासठ सप्ताहां के बीतण पै अभिषिक्त माणस अन्याय तै काटया जावैगा: अर उसके हाथ कुछ ना लागैगा; अर आणआळे प्रधान की प्रजा नगर अर पवित्रस्थान म्ह नाश तो करैगी, पर उस प्रधान का अन्त इसा होवैगा जिसा बाढ़ तै होवै सै; तोभी उसके अन्त ताहीं लड़ाई होन्दी रहवैगी; क्यूँके उसका उजड़ जाणा पक्का ठाण्या गया सै। 27 फेर वो प्रधान एक सप्ताह कै खात्तर घणखरे के संग मजबूत करार बाँधैगा, पर आध्धे सप्ताह के बीतण पै वो मेलबलि अर अन्नबलि नै बन्द करैगा; अर कंगूरे पै उजाड़ण आळी घृणित चीज दिखाई देवैगी अर पक्का सै ठणी होई बात के खतम होण ताहीं परमेसवर का छो उजाड़ण आळे पै पड़या रहवैगा।"