3 फेर मन्नै आँख ठाकै देख्या, के उस नदी कै स्याम्ही दो सींग आळा एक मिंढा खड्या सै, उसके दोन्नु सींग बड़े सैं, पर उन म्ह तै एक घणा बड़ा सै, अर जो बड़ा सै, वो दुसरे कै बाद लिकड़या। 4 मन्नै उस मिंढे ताहीं देख्या के वो पश्चिम, उत्तर अर दक्षिण की ओड़ सींग मारै सै, अर कोए जन्तु उसके स्याम्ही खड्या न्ही रह सकदा, अर ना उसके हाथ तै कोए किसी नै बचा सकै सै; अर वो अपणी ए इच्छा कै मुताबिक काम करकै भोत महान हो जावै था।
5 मै सोच ए रह्या था, तो फेर के देख्या के एक बकरा पश्चिम दिशा तै लिकड़कै सारी पृथ्वी कै उप्पर इसा फिरया के चाल्दे बखत धरती पै पाँव ना छुआया अर उस बकरे की आँख्यां कै बीच एक देखण लायक सींग था। 6 वो उस दो सींग आळे मिंढे कै धोरै जाकै, जिस ताहीं मन्नै नदी कै स्याम्ही खड्या देख्या था, उसपै जळकै अपणे पूरे बल तै लपक्या। 7 मन्नै देख्या के वो मिंढे के धोरै आकै उसपै झुँझळाया; अर मिंढे नै मारकै उसके दोन्नु सींगां ताहीं तोड़ दिया; अर उसका सामना करण नै मिंढे का कुछ भी बस ना चाल्या; फेर बकरे नै उस ताहीं धरती पै गिराकै रौंद दिया; अर मिंढे नै उसके हाथ तै छुड़ाण आळा कोए ना मिल्या। 8 फेर बकरा भोत बड़ाई मारण लाग्या, अर जिब वो और ताकतवर होया8:8 फेर बकरा भोत बड़ाई मारण लाग्या, अर जिब वो और ताकतवर होया मकिदुनिया की शक्ति, खास करकै सिकंदर महान के शासनकाल के तहत।, तब ताहीं उसका बड़ा सींग टूट ग्या, अर उसकी जगहां देखण लायक च्यार सींग लिकड़कै च्यांरु दिशा की और बढ़ण लाग्गे।
9 फेर इन म्ह तै एक छोट्टा सा सींग और लिकड़या, जो दक्षिण, पूरब अर शिरोमणि देश की ओड़ घणाए बढ़ ग्या। 10 वो सुर्ग की सेना ताहीं बढ़ ग्या; अर उस म्ह तै और तारयां म्ह तै भी कितन्याँ नै धरती पै गिराकै रौंद दिया। 11 बलके वो8:11 सुर्गीय सेना का प्रधान जो की खुद परमेसवर सै। उस सेना के प्रधान ताहीं भी बढ़ ग्या, अर उसका लगातार होमबलि बन्द कर दिया गया; अर उसकी पवित्र जगहां गिरा देई गई। 12 अर माणसां के अपराध के कारण लगातार होमबलि के गैल सेना भी उसके हाथ म्ह कर देई गई, अर उस सींग नै सच्चाई ताहीं माट्टी म्ह मिला दिया, अर वो काम करदे-करदे सफल होग्या।8:12 यो इतणा भयानक था उननै मन्दर नै भी नाश कर दिया अर सच्ची आराधना नै भी खतम कर दिया। 13 फेर मन्नै एक पवित्र सुर्गदूत ताहीं बोलदे सुण्या; फेर एक और पवित्र सुर्गदूत नै उस पैहले बोलण आळे तै पूछ्या, "लगातार होमबलि अर उजड़वाण आळे अपराध कै बारै म्ह जो कुछ दर्शन देख्या गया, वो कब ताहीं फळदा रहवैगा; या पवित्र जगहां अर सेना दोन्नु का रोंद्या जाणा कब ताहीं होन्दा रहवैगा8:13 रोंद्या जाणा कब ताहीं होन्दा रहवैगा पूरी तरियां बेईजत होणा फेर धराशायी होणा जिस तरियां कोए चीज पैरां तळै कुचल दी जावै सै।?" 14 अर दुसरे सुर्गदूत नै मेरे ताहीं कह्या, "जिब ताहीं साँझ अर सबेरा दो हजार तीन सौ बार ना हों, जिब ताहीं वो होन्दा रहवैगा; फेर मन्दर नै समर्पित करया जावैगा अर फेर तै इस्तमाल करया जावैगा।"