हर बात का अपणा बखत
1 हर एक बात का एक मौक्का अर हरेक काम का, जो आसमान कै नीच्चै होवै सै, एक बखत सै।
2 जन्म का बखत अर मरण का भी बखत;
बोण का बखत, अर बोए होए नै उखाड़ण का भी बखत होवै सै,
3 घाव देण का बखत, अर चंगा करण का भी बखत;
गिरा देण का बखत, अर बणाण का भी बखत होवै सै;
4 रोण का बखत, अर हाँसण का भी बखत;
छात्ती पीटण का बखत, अर नाचण का भी बखत होवै सै;
5 पत्थर फैक्कण का बखत, अर पत्थर बटोरण का भी बखत;
गळे लगाण का बखत, अर गळे लगाण तै रुकण का भी बखत होवै सै;
6 ढूँढ़ण का बखत अर खो देण का भी बखत;
बचा राक्खण का बखत अर फेंक देण का भी बखत होवै सै;
7 पाड़ण का बखत अर सिम्मण का भी बखत;
चुप रहण का बखत अर बोल्लण का भी बखत होवै सै;
8 प्यार करण का बखत अर बैर करण का भी बखत;
लड़ाई का बखत अर मेल का भी बखत होवै सै।