7 उसनै हदास्सा नाम की अपणी चचेरी भाण ताहीं, जो एस्तेर भी कुहाया करदी, पाळया-पोस्या था; क्यूँके उसके माँ-बाप कोए ना थे, अर वो छोरी सुथरी अर रुपवती थी, अर जिब उसके माँ-बाप मरगे, फेर मोर्दकै नै उस ताहीं अपणी बेट्टी करकै पाळ्या।
17 अर राजा नै एस्तेर तै और सारी जनानियाँ तै घणा प्यार करया, अर और सारी कुँवारियाँ तै घणी उसके अनुग्रह अर दया की नजर उसे पै होई, इस कारण उसनै उसके सिर पै राजमुकुट धरया अर उस ताहीं वशती की जगहां पै राणी बणाया। 21 उन्हे दिनां म्ह जिब मोर्दकै राजा के राजभवन के फाटक म्ह बैठ्या करया करदा, फेर राजा के खोजे जो द्वारपाल भी थे, उन म्ह तै बिगताना अर तेरेश नाम के दो जण्या नै राजा क्षयर्ष तै नाराज होकै उसपै हाथ चलाण की योजना बणाई। 22 या बात मोर्दकै नै सुण ली, अर उसनै एस्तेर राणी ताहीं या बात बताई, अर एस्तेर नै मोर्दकै का नाम लेकै राजा ताहीं बताया। 23 फेर जाँच पड़ताळ होण पै या बात सच लिकड़ी अर वे दोन्नु पेड़ पै लटका दिए गए, अर यो हाल राजा कै स्याम्ही इतिहास की किताब म्ह लिख लिया गया।