12 दाख की बेल सूखगी, अर अंजीर का दरखत कुम्हळा ग्या सै अनार, खजूर, सेब, बलके, मैदान के सारे दरखत सूखगे सैं; अर माणस की खुशी जान्दी रही सै।
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12 दाख की बेल सूखगी, अर अंजीर का दरखत कुम्हळा ग्या सै अनार, खजूर, सेब, बलके, मैदान के सारे दरखत सूखगे सैं; अर माणस की खुशी जान्दी रही सै।
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