1 ग्यारहवें साल के पैहले महिन्ने के पैहले दिन नै यहोवा का यो वचन मेरे धोरै पोहच्या 2 "हे माणस की सन्तान, सोर नै जो यरुशलेम कै बारै म्ह कह्या सै, ‘आहा, आहा! जो देश-देश के माणसां के फाटक की तरियां थी, वो नाश होगी! उसके उजड़ जाण तै मै भरपूर हो जाऊँगा।’ 3 इस कारण परमेसवर यहोवा कहवै सै: हे सोर, देख, मै तेरै खिलाफ सूं; अर इसा करुँगा के घणी सी जात तेरै खिलाफ इसी उठैंगी जिस तरियां समुन्दर की लहर उठै सैं। 4 वे सोर की शहरपनाह नै गिरावैगी, अर उसके गुम्मटां नै तोड़ गेरैंगी; अर मै उसपै तै उसकी माट्टी खुरचकै उसनै नंगी चट्टान कर दियुँगा। 5 वो समुन्दर कै बिचाळै का जाळ फैलाण की जगहां हो जावैगा; क्यूँके परमेसवर यहोवा की या वाणी सै; अर वो जात्ति-जात्ति तै लुट जावैगा; 6 अर उसकी जो बेटियाँ मैदान म्ह सैं, वे तलवार तै मारी जावैंगी। फेर वे जाण लेवैंगे के मै यहोवा सूं।"
7 "क्यूँके परमेसवर यहोवा न्यू कहवै सै, देख, मै सोर कै बिरुध्द राजाधिराज बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर नै घोड़यां, रथां, सवारां, बड़ी भीड़, अर दल समेत उत्तर दिशा तै ले आऊँगा। 8 तेरी जो बेटियाँ मैदान म्ह हों, उननै वो तलवार तै मारैगा, अर तेरै खिलाफ कोट बणावैगा अर मोर्चा बाँधैगा; अर ढाल ठावैगा। 9 वो तेरी शहरपनाह के बिरुध्द युद्ध के यन्त्र चलावैगा अर तेरे गुम्मटां नै हथियारां तै गेर देगा। 10 उसके घोड़े इतणे होवैंगे, के तू उनकी धूळी तै ढक जावैगा, अर जिब वो तेरे फाटकां म्ह इसा घुसैगा जिस तरियां माणस नाके आळे नगर म्ह घुसैं सैं, फेर तेरी शहरपनाह सवारां, छकड्यां, अर रथां के शब्द तै काँम्ब उठैगी। 11 वो अपणे घोड़यां की टापां तै तेरी सारी सड़कां नै रौंद गेड़ैगा, अर तेरे बासिन्दया नै तलवार तै मार देगा, अर तेरे जोर के खम्भे धरती पै गिराए जावैंगे। 12 माणस तेरा धन लूटैंगे अर तेरे व्यापार की चिज्जां नै खोस लेवैंगे; वे तेरी शहरपनाह गेर देवैंगे अर तेरे मनभाऊ घर तोड़ गेरैगें; तेरे पत्थर अर काठ, अर तेरी धूळी वे पाणी म्ह फेंक देवैंगे। 13 अर मै तेरे गीतां का सुर ताल बन्द करुँगा, अर तेरी वीणा की आवाज फेर सुणाई ना देवैगी। 14 मै तेरे ताहीं नंगी चट्टान कर दियुँगा; तू जाळ फैलाण की जगहां हो जावैगा; अर फेर बसाया न्ही जावैगा; क्यूँके मन्नै यहोवा ए नै यो कह्या सै, परमेसवर यहोवा की याए वाणी सै।"
15 "परमेसवर यहोवा सोर तै न्यू कहवै सै, तेरे गिरण के शब्द तै जिब घायल माणस कहरावैंगे अर तेरे म्ह घात ए घात होवैगा, फेर के टापू न्ही काँम्ब उठैगें? 16 फेर समुन्दर तट के सारे प्रधान माणस अपणे-अपणे सिंहासन पै तै उतरैंगे, अर अपणे बागे अर बुट्टेदार कपड़े उतारकै थरथराहट के कपड़े पहैरेंगे अर धरती पै बैठकै पल-पल म्ह काँम्बैगे; अर तेरे कारण हैरान रहवैंगे। 17 वे तेरे बारै म्ह विलाप का गीत बणाकै तेरे तै कहवैंगे,
‘हाय! मल्लाहां की बसाई होई हाय!
सराही होई नगरी जो समुन्दर कै बिचाळै बासिन्दया समेत ताकतवर रही
अर सारे टिकण आळयां की डराण आळी नगरी थी,
तू किस तरियां नाश होई सै?
18 तेरे गिरण के दिन टापू काँम्ब उठैगें,
अर तेरे जान्दे रहण कै कारण समुन्दर के सारे टापू घबरा जावैंगे।’"
19 "क्यूँके परमेसवर यहोवा न्यू कहवै सै: जिब मै तेरे ताहीं निर्जन नगरां की तरियां उजाड़ करुँगा अर तेरे उप्पर महासागर चढ़ाऊँगा, अर तू ढुंघे पाणी म्ह डूब जावैगा, 20 फेर खड्डे म्ह और गिरण आळयां कै गैल मै तेरे ताहीं भी पुराणे माणसां म्ह उतार दियुँगा; अर खड्डे म्ह और गिरण आळयां कै गैल तेरे ताहीं भी नीच्चै के लोक म्ह धरकै पुराणे बखत की उजड़ी होई जगहां की तरियां कर दियुँगा; उरै ताहीं के तू फेर न्ही बसैगा अर ना जीवन के लोक म्ह कोए जगहां पावैगा। 21 मै तेरे ताहीं घबराण का कारण करुँगा, अर तू भविष्य म्ह फेर न्ही रहवैगा, बलके ढूँढ़ण पै भी तेरा पता न्ही लागैगा, परमेसवर यहोवा की याए वाणी सै।"