1 फेर परमेसवर के आत्मा नै मेरे ताहीं ठाकै यहोवा के भवन के पूर्वी फाटक कै धोरै जिसका मुँह पूर्वी दिशा की ओड़ सै, पोंहचा दिया; अर ओड़ै मन्नै के देख्या, के फाटक ए म्ह पच्चीस माणस सैं। अर मन्नै उनके बीच अज्जूर के बेट्टे याजन्याह ताहीं अर बनायाह के बेट्टे पलत्याह ताहीं देख्या, जो प्रजा के प्रधान थे। 2 फेर उसनै मेरे ताहीं कह्या, "हे माणस की सन्तान, जो पच्चीस माणस यरुशलेम नगर म्ह अनर्थ कल्पना अर बुरी युक्ति करै सैं वे येए सैं। 3 ये कहवैं सैं, ‘घर बणाण का बखत धोरै न्ही, यो नगर हँडा अर हम उस म्ह का माँस सै।’ 4 इस करकै हे माणस की सन्तान, इनके बिरुध्द भविष्यवाणी कर, भविष्यवाणी।"
5 फेर परमेसवर का आत्मा मेरे पै उतरया, अर मेरे ताहीं कह्या, "न्यू कह, यहोवा न्यू कहवै सै: हे इस्राएल के माणसों थमनै इसाए कह्या सै; जो कुछ थारे मन म्ह आवै सै, उसनै मै जाणु सूं। 6 थमनै तो इस नगर म्ह घणखरे मार गेरे बलके उसकी सड़कां ताहीं लाशां तै भर दिया सै। 7 इस करकै प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै: जो माणस थमनै इस म्ह मार गेरे सैं, उनकी लाश ए इस नगररूपी हँडे म्ह का माँस सै; अर थम इसकै बिचाळै तै लिकाड़े जाओगे। 8 थम तलवार तै डरो सो, अर मै थारे पै तलवार चलाऊँगा, प्रभु यहोवा की याए वाणी सै। 9 मै थमनै इस म्ह तै लिकाड़कै परदेशियाँ के हाथ म्ह कर दियुँगा, अर थमनै सजा दिलाऊँगा। 10 थम तलवार तै मरकै गिरोगे, अर मै थारा मुकद्दमा, इस्राएल के देश की हद पै चूकाऊँगा; फेर थम जाण ल्योगे के मै यहोवा सूं। 11 यो नगर थारे खात्तर हँडा न्ही बणैगा, अर ना थम इस म्ह का माँस होवोगे; मै थारा मुकद्दमा इस्राएल के देश की हद पै चूकाऊँगा। 12 फेर थम जाण ल्योगे के मै यहोवा सूं; थम तो मेरी विधियाँ पै न्ही चाल्ले, अर मेरे नियमां ताहीं थमनै न्ही मान्या; पर अपणे च्यांरु ओड़ की गैरजात्तां की रीतियां पै चाल्ले सो।"
13 मै इस तरियां की भविष्यवाणी कर रहया था, के बनायाह का बेट्टा पलत्याह मर ग्या। फेर मै मुँह के बळ गिरकै ऊँच्चे शब्द तै संकट म्ह चिल्ला उठ्या, अर कह्या, "हाय प्रभु यहोवा, के तू इस्राएल के बचे होया नै सत्यानाश कर देगा?"
14 फेर यहोवा का यो वचन मेरे धोरै दोबारा पोहच्या, 15 "हे माणस की सन्तान, यरुशलेम के निवासियां नै तेरे भाईयाँ तै बलके इस्राएल के सारे माणसां तै भी कह्या सै के ‘थम यहोवा कै धोरै तै दूर हो जाओ; यो देश म्हारे ए हक म्ह दिया गया सै।’ 16 पर तू उनतै कह, ‘प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै के मन्नै थारै ताहीं दूर-दूर की जात्तां म्ह बसाया अर देश-देश म्ह तित्तर-बितर कर तो दिया सै, तोभी जिन देशां म्ह थम आए होए सो, उन म्ह मै खुद थारे खात्तर थोड़े दिन ताहीं पवित्रस्थान ठहरूँगा।’ 17 इस करकै, उनतै कह, ‘प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै, के मै थमनै जात्ति-जात्ति के माणसां कै बीच म्ह तै बटोरूँगा, अर जिन देशां म्ह थम तित्तर-बितर करे गए सो, उन म्ह तै थमनै कठ्ठा करुँगा, अर थमनै इस्राएल की धरती देऊँगा।’ 18 अर जो लोग निर्वासन म्ह सै, ओड़ै पोहचकै उस देश की सारी घृणित मूर्ति अर सारे घृणित काम भी उस म्ह तै दूर करैंगे। 19 अर मै उनका दिल एक कर दियुँगा; अर उनके भित्तर नई आत्मा पैदा करुँगा, अर उनकी देह म्ह तै पत्थर के जिसा दिल लिकाड़कै उननै माँस का दिल दियुँगा, 20 जिसतै वे मेरी विधियाँ पै लगातार चल्या करै अर मेरे नियमां नै मान्नै; अर वे मेरी प्रजा ठैहरैगें, अर मै उनका परमेसवर ठहरूँगा। 21 पर वे माणस जो अपणी घृणित मूरतां अर घृणित काम्मां म्ह मन लगाकै चाल्दे रहवैं सैं, उननै मै इसा करुँगा के उनकी चाल उन्हे के सिर पै पड़ैंगी, प्रभु यहोवा की याए वाणी सै।"
22 इसपै करूबां नै अपणे पंख ठाए, अर पहिये उनके गैल-गैल चाल्ले; अर इस्राएल के परमेसवर का तेज उनके उप्पर था। 23 फेर यहोवा का तेज नगर कै बिचाळै तै उठकै उस पहाड़ पै ठहर ग्या जो नगर की पूर्व ओड़ सै। 24 फेर परमेसवर के आत्मा नै मेरे ताहीं ठाया, अर परमेसवर के आत्मा की शक्ति तै दर्शन म्ह मेरे ताहीं कसदियाँ के देश म्ह कैदियाँ कै धोरै पोहच्या दिया। अर जो दर्शन मन्नै पाया था वो लोप होग्या। 25 फेर जितनी बात यहोवा नै मेरे ताहीं दिखाई थी, वे मन्नै कैदियाँ तै बता दी।