1 यहूदा के राजा यहोयाकीन अर हम सब नै गुलाम बणाकै बेबीलोन ले जाए जाण के सात साल बाद, इस्राएल के कितणे पुरनिये यहोवा तै सवाल करण खात्तर आए, अर मेरे स्याम्ही बैठगे। 2 फेर यहोवा का यो वचन मेरे धोरै पोहच्या: 3 "हे माणस की सन्तान, इस्राएली बुजुर्गां तै न्यू कह, प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै, के थम मेरे ताहीं सवाल करण नै आए सो? प्रभु यहोवा की या वाणी सै के मेरे जीवन की कसम, थम मेरे तै सवाल करण न्ही पाओगे। 4 हे माणस की सन्तान, के तू उनका न्याय न्ही करैगा? के तू उनका न्याय न्ही करैगा? उनके पुरखां के घिनोणे काम उननै जता दे, 5 अर उनतै कह, प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै: जिस दिन मन्नै इस्राएल ताहीं चुण लिया, अर याकूब के घरान्ने के वंश तै कसम खाई, अर मिस्र देश म्ह अपणे ताहीं उनपै प्रगट करया, अर उनतै कसम खाकै कह्या, मै थारा परमेसवर यहोवा सूं, 6 उसे दिन मन्नै उनतै यो भी कसम खाई, के मै थारे ताहीं मिस्र देश तै लिकाड़कै एक देश म्ह पोहचाऊँगा, जिस ताहीं मन्नै थारे खात्तर चुण लिया सै; वो सारे देशां का शिरोमणि सै, अर उस म्ह दूध अर शहद की धारा बहवै सैं। 7 फेर मन्नै उनतै कह्या, जिन घिनोणी चिज्जां पै थारे म्ह तै हर एक की आँख लाग्गी सैं, उननै फेंक द्यो; अर मिस्र की मूरतां तै अपणे ताहीं अशुद्ध ना करो; मै ए थारा परमेसवर यहोवा सूं। 8 पर वे मेरे तै बिगड़गे अर मेरी सुणनी ना चाही; जिन घिनोणी चिज्जां पै उनकी आँख लाग्गी थी, उन ताहीं किसे नै फेक्या न्ही, अर ना मिस्र की मूरतां ताहीं छोड्या।"
"फेर मन्नै कह्या, मै उरैए, मिस्र देश के बीच थारे पै अपणी जळजळाहट भड़काऊँगा। अर पूरा छो दिखाऊँगा। 9 फेर भी मन्नै अपणे नाम कै खात्तर इसा करया के जिनके बिचाळै वे थे, अर जिनके देखदे होए मन्नै उन ताहीं मिस्र देश तै लिकड़ण कै खात्तर अपणे आप ताहीं उनपै प्रगट करया था उन जात्तां कै स्याम्ही वे अपवित्र ना ठहरै। 10 मै उननै मिस्र देश तै लिकाड़कै बियाबान म्ह ले आया। 11 ओड़ै उनतै मन्नै अपणी विधि बताई अर अपणे नियम भी बताए के जो माणस उननै मान्नै, वो उनके कारण जिन्दा रहवैगा। 12 फेर मन्नै उनकै खात्तर अपणे विश्रामदिन ठहराए जो मेरे अर उनके बीच निशान्नी ठहरें; के वे जाणै के मै यहोवा उनका पवित्र करण आळा सूं। 13 फेर भी इस्राएल के घरान्ने नै बियाबान म्ह मेरे तै बिद्रोह करया; वे मेरी विधि पै ना चाल्ले, अर मेरे नियमां ताहीं निकम्मा जाण्या, जिननै जै माणस मान्नै तो वो उनके कारण जिन्दा रहवैगा; अर उननै मेरे विश्रामदिनां ताहीं घणा अपवित्र करया।"
"फेर मन्नै कह्या, मै जंगळ म्ह इन पै अपणी जळजळाहट भड़काकै इनका अन्त कर दियुँगा। 14 पर मन्नै अपणे नाम कै अनुसार इसा करया के वे उन जात्तां के स्याम्ही, जिनके देखदे मै उननै लिकाड़ ल्याया था, अपवित्र ना ठहरै। 15 फेर मन्नै बियाबान म्ह उनतै कसम खाई के जो देश मन्नै उनतै दे दिया, अर जो सारे देशां का शिरोमणि सै, जिस म्ह दूध अर शहद की धारा बहवै सैं, उस म्ह उननै न्ही पोहचाऊँगा, 16 क्यूँके उननै मेरे नियम निकम्मे जाणे अर मेरी विधि पै ना चाल्ले, अर मेरे विश्रामदिन अपवित्र करैं थे; इस करकै के उनका मन उनकी मूरतां की ओड़ लाग्या रह्या। 17 फेर भी मन्नै उनपै कृपा की नजर करी, अर उन ताहीं नाश न्ही करया, अर ना बियाबान म्ह पूरी तरियां तै उनका अन्त कर डाल्या।"
18 "फेर मन्नै बियाबान म्ह उनकी औलाद तै कह्या, अपणे पुरखां की विधियाँ पै ना चाल्लो, ना उनकी रीतियां नै मान्नो अर ना उनकी मूरत पूज कै अपणे आप नै अशुद्ध करो। 19 मै थारा परमेसवर यहोवा सूं, मेरी विधियाँ पै चाल्लो, अर मेरे नियमां कै मान्नण म्ह चौकसी करो, 20 अर मेरे विश्रामदिनां नै पवित्र मान्नो के वे मेरे अर थारे बीच निशान्नी ठहरै, अर जिसतै थम जाणो के मै थारा परमेसवर यहोवा सूं। 21 पर उनकी औलाद नै भी मेरे तै बिद्रोह करया; वे मेरे तरीके पै ना चाल्ले, ना मेरे नियमां कै मान्नण म्ह चौकसी करी; जिन ताहीं जै माणस मान्नै तो वो उनके कारण जिन्दा रहवैगा; मेरे विश्रामदिनां ताहीं उननै अपवित्र करया।"
"फेर मन्नै कह्या, मै बियाबान म्ह उनपै अपणी जळजळाहट भड़काकै अपणा छो दिखाऊँगा। 22 फेर भी मन्नै हाथ खींच लिया, अर अपणे नाम कै मुताबिक इसा करया, के उन जात्तां कै स्याम्ही जिनके देखदे होए मै उननै लिकाड़ ल्याया था, वे अपवित्र ना ठहरै। 23 फेर मन्नै बियाबान म्ह उनतै कसम खाई, के मै थमनै जात्ति-जात्ति म्ह तित्तर-बितर करुँगा, अर देश-देश म्ह छितरा दियुँगा, 24 क्यूँके उननै मेरे नियम ना मान्ने, मेरी विधियाँ ताहीं निकम्मा जाण्या, मेरे विश्रामदिनां ताहीं अपवित्र करया, अर अपणे पुरखां की मूरतां की ओड़ उनकी आँख लाग्गी रहीं। 25 फेर मन्नै उनके खात्तर इसी-इसी विधियाँ ठहराई जो आच्छी ना थी अर इसी-इसी रीति जिनके कारण वे जिन्दा न्ही रह सके; 26 यानिके वे अपणे सारे जेठ्यां नै आग म्ह होम करण लाग्गे; इस तरियां मन्नै उनतै उन्हे की भेटां के जरिये अशुद्ध करया जिसतै उननै बेबस कर दियुँ; अर फेर वे जाण लेवैंगे के मै यहोवा सूं।"
27 "हे माणस की सन्तान, तू इस्राएल के घरान्ने तै कह, प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै: थारे पुरखां नै इस म्ह भी मेरी निन्दा करी के उननै मेरै गैल धोक्खा करया। 28 क्यूँके जिब मन्नै उनतै उस देश म्ह पोहचाया, जिस ताहीं उनतै देण की कसम मन्नै खाई थी, फेर वे हर एक ऊँच्चे टील्ले अर हर एक घणे दरखत पै नजर करकै ओड़ैए अपणे मेलबलि करण लाग्गे; अर ओड़ैए रिस दुआण आळी अपणी भेंट चढ़ाण लाग्गे अर ओड़ैए अपणा सुखदायक सुगन्ध-द्रव्य जळाण लाग्गे, अर ओड़ैए अपणा अर्घ देण लाग्गे। 29 फेर मन्नै उनतै पूछ्या, जिस ऊँच्ची जगहां पै थम जाओ सो, वो जगहां के सै? इसे तै उसका नाम आज ताहीं बामा कुहवावै सै। 30 इस ताहीं इस्राएल के घरान्ने तै कह, प्रभु यहोवा थारे तै न्यू पूच्छै सै: के थम भी अपणे पुरखां की रीति पै चालकै अशुद्ध होकै, अर उनके घिनोणे काम्मां कै मुताबिक व्यभिचारिणी की तरियां काम करो सो? 31 आज ताहीं जिब-जिब थम अपणी भेंट चढ़ान्दे अर अपणे बाल-बच्यां नै होम करकै आग म्ह चढ़ाओ सो, तब-तब थम अपणी मूरतां कै कारण अशुद्ध ठहरो सो। हे इस्राएल के घरान्ने, के थम मेरे ताहीं पूछण पाओगे? प्रभु यहोवा की या वाणी सै, मेरे जीवन की कसम थम मेरे ताहीं पूछण न्ही पाओगे।"
32 "जो बात थारे मन म्ह आवै सै, ‘हम काठ अर पत्थर की आराधना करण आळे होकै गैरजात्तां अर देश-देश के कुलां की तरियां हो जावांगे,’ वो किसे ढाळ पूरी न्ही होण की।"
33 "प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै, मेरे जीवन की कसम मै पक्का ताकतवर हाथ अर बढ़ाई होई भुजा तै, अर भड़काई होई जळजळाहट कै गैल थारे उप्पर राज्य करुँगा। 34 मै ताकतवर हाथ अर बढ़ाई होई भुजा तै, अर भड़काई होई जळजळाहट कै गैल थमनै देश-देश के माणसां म्ह तै अलग करुँगा, अर उन देशां तै जिन म्ह थम तित्तर-बितर होगे थे, कठ्ठा करुँगा; 35 अर मै थमनै देश-देश के माणसां के बियाबान म्ह ले जाकै, ओड़ै आम्ही-स्याम्ही थारे तै मुकद्दमा लड़ूँगा। 36 जिस तरियां मै थारे बुजुर्गां तै मिस्र देशरूपी जंगळ म्ह मुकद्दमा लड़या था, उसे तरियां थारे तै मुकद्दमा लड़ूँगा, प्रभु यहोवा की याए वाणी सै।"
37 "मै थमनै लाठ्ठी कै तळै चलाऊँगा। अर थमनै करार के बन्धन म्ह गेरूँगा। 38 मै थारे म्ह तै सारे बिद्रोहियाँ नै लिकाड़कै जो मेरा अपराध करै सै; थमनै शुद्ध करुँगा; अर जिस देश म्ह वे टिकैं सैं उस म्ह तै मै उननै लिकाड़ दियुँगा; पर इस्राएल के देश म्ह घुसण न्ही देऊँगा। फेर थम जाण ल्योगे के मै यहोवा सूं।"
39 "हे इस्राएल के घरान्ने थारे तै तो प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै: जाकै अपणी-अपणी मूरतां की उपासना करो; अर जै थम मेरी ना सुणोगे, तो आग्गै भी योए करया करो; पर मेरे पवित्र नाम नै अपणी भेटां अर मूरतां के जरिये फेर अपवित्र न्ही करणा।"
40 "क्यूँके प्रभु यहोवा की या वाणी सै के इस्राएल का सारा घरान्नां अपणे देश म्ह मेरे पवित्र पर्वत पै, इस्राएल के ऊँच्चे पहाड़ पै, सारे के सारे मेरी उपासना करैंगे; ओड़ै मै उनतै खुश होऊँगा, अर ओड़ैए मै थारी ठाई होई भेंट अर चढ़ाई होई बढ़िया-बढ़िया चीज, अर थारी सारी पवित्र करी होई चीज थारे तै लिया करुँगा। 41 जिब मै थमनै देश-देश कै माणसां म्ह तै अलग करुँ अर उन देशां तै जिन म्ह थम तित्तर-बितर होए हो, कठ्ठा करुँ, फेर थमनै सुखदायक सुगन्ध जाणकै ग्रहण करुँगा, अर गैरजात्तां कै स्याम्ही थारे जरिये पवित्र ठहराया जाऊँगा। 42 जिब मै थमनै इस्राएल के देश म्ह पोंहचाऊँ, जिसके देण की कसम मन्नै थारे बुजुर्गां तै खाई थी, फेर थम जाण ल्योगे के मै यहोवा सूं। 43 ओड़ै थम अपणी चाल चलण अर अपणे सारे काम्मां नै जिनके करण तै थम अशुद्ध होए हो याद करोगे, अर अपणे सारे बुरे काम्मां कै कारण अपणी नजर म्ह घिनोणे ठहरोगे। 44 हे इस्राएल के माणसों, जिब मै थारे गैल थारे बुरे चाल चलण अर बिगड़े होए काम्मां कै मुताबिक न्ही, पर अपणे ए नाम कै मुताबिक बरताव करुँ, फेर थम जाण ल्योगे के मै यहोवा सूं, प्रभु यहोवा की याए वाणी सै।"
45 यहोवा का यो वचन दोबारा मेरे धोरै पोहच्या 46 "हे माणस की सन्तान, अपणा मुँह दक्षिण की ओड़ कर, दक्षिण की ओड़ वचन सुणा, अर दक्षिण देश के बण कै बारै म्ह भविष्यवाणी कर; 47 अर दक्षिण देश के बण तै कह, यहोवा का यो वचन सुण, प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै, मै तेरे म्ह आग लगाऊँगा, अर तेरे म्ह के हरे, के सूखे, जितने पेड़ सैं, सारया नै वो भस्म करैगी; उसकी धधकती ज्वाला ना बुझैगी, अर उसके कारण दक्षिण तै उत्तर ताहीं सारया के मुँह झुळस जावैंगे। 48 फेर सारे प्राणियाँ नै सूझ पड़ैगा के यो आग यहोवा की लगाई होई सै; अर वो कदे न्ही बुझैगी।" 49 फेर मन्नै कह्या, "हाय परमेसवर यहोवा! माणस तो मेरे बारे म्ह कह्या करै सैं के वो उदाहरण ए का कहण आळा न्ही सै?"