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यहेजकेल 14

परमसवर जरििि

1 एक िइसएल ितणरनिआकठगे। 2 यहवचन हचा, 3 "णस सन, इन आदमिाँ अपणरतां ीं अपणमन बणा, अर अपणअधर्‍कर अपणधरै; छण ैंें? 4 इस करकउनतकह, रभयहकहवै: इसएल णसां अपणरतां ीं अपणमन बणै, अर अपणअधर्‍कर अपणधरकनबआवै, उस ीं, यहा, उसकघणरतां िजवा, 5 िसतइसएल णस, अपणरतां जरिीं ै, उननउनमन जरिा।"

6 "इस करकइसएल णसां कह, रभयहकहवै: ़ो अर अपणरतां करो; अर अपणिां ुँ़ो। 7 ूँइसएल णसां अर उसकरहण आळपरदिाँ ूँ ो, अपणरतां ीं अपणमन बसकरै, अर अपणअधर्‍कर अपणधरै, अर ीं अपणछण तर नबआए, उस ीं यहजवा। 8 उस णस िउस ीं अचमिकरुँा, अर ि्‍ठहर14:8 निशान्‍नी ठहराऊँगा या मै उसनै हैरान कर दियुँगा यहे. 32:10 या हैरान कर दियुँगा के एक निशान्‍नी ठहरे अर कहावत बण जावै।; अर उसककहवत चलअर उसनअपणरजकरुँा; थम णस यहूं। 9 नबवचन कहो, मन्‍यहउस नबीं ि14:9 मन्‍नै यहोवा नै उस नबी ताहीं धोखा दिया सै यो एक सच सै के बुराई अर भलाई दोन्‍नु परमेसवर सै। वो अपणी इच्छा कै मुताबिक उनका इस्तमाल करै सै के माणस की वफादारी नै परखै अर उसनै अन्ततः अपणी बेट्टियाँ के शोधन म्ह साथ देणिया बणावै।; अर अपणउसकिबढ़ाउसनअपणरजइसएल करुँा। 10 णस अपणे-अपणअधरें, ििनबछण आळअधरठहरा, उसनबअधरठहरा। 11 इसएल णस आगअर अपणळ-ढअपरां जरिआगअशबणै; बलकरजबणअर उनकपरमसवर ठहरूँ, रभयहै।"

, ि, अर अय

12 यहवचन हचा, 13 "णस सन, ििणस िसघकरकै, अर अपणउस िबढ़ाउसकअन्‍नरआधकरुँ, अर उस जकउस णस अर पशकरुँ, 14 उस , िअर अय14:14 नूह, दानिय्येल अर अय्यूब ये तीन माणस असाधारण उदाहरण सैं जो अपणी स्वामी-भक्ति कै कारण माणसां पै आणआळे विनाश तै बचाये गये थे। ्‍णस ों, अपणिकतरण िअपणबचसकें; रभयहै। 15 िजनूँ उस ीं िजन करकउजैंे, अर जनरण उस ै, 16 उस ्‍धरणस ों, रभयहै, वन कसम, टयाँ अर िाँ बचसकें; एकबचैंें; पर उजा। 17 उस तलवींचककहूँ, तलवउस ;अर इस तरिां उस णस अर पशकरुँ, 18 उस ्‍धरणस ों, रभयहै, वन कसम, टयाँ अर िाँ बचसकें, एकबचैंें। 19 उस मरअर उसपअपणजळजळहट भडउसकलहइसबहओड़ै णस अर पश्‍ों, 20 , िअर अयउस ों, ी, रभयहै, वन कसम, टयाँ अर िाँ बचसकें, अपणिकतजरििअपणबचसकें।"

21 "ूँरभयहकहवै: यरशलअपणांतरिां सजूँा, ितलव, , जनअर मरी, िसतणस अर पशउस ों।14:21 प्रका. 6:8 22 उस ़े-े-िाँ बचैंओड़ै िहची, अर थम उनकचलण अर ां खकउस िपति यरशलूँा, बलकितनिपति उसपूँा, उन रयि ओगे। 23 िथम उनकचलण अर ो, ि रण ैंे; अर थम मन्‍यरशलकरया, िरण करया, रभयहैं।"

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