1 फेर यहोवा का यो वचन मेरे धोरै पोहच्या 2 "हे माणस की सन्तान, प्रभु यहोवा इस्राएल की धरती कै बारै म्ह न्यू कहवै सै, के अन्त होया; च्यांरु कुण्यां समेत इस्राएल का अन्त आ ग्या सै। 3 तेरा अन्त भी आ ग्या, अर मै अपणा छो तेरै पै भड़काकै तेरे चाल चलण कै मुताबिक तेरे ताहीं सजा देऊँगा; अर तेरे सारे घिनोणे काम्मां का फळ तेरे ताहीं देऊँगा। 4 मेरी दया की नजर तेरे पै ना होवैगी, अर ना मै कोमलता करुँगा; अर जिब ताहीं तेरे घिनोणे पाप तेरे म्ह बणे रहवैंगे तब ताहीं मै तेरे चाल-चलण का फळ तेरे ताहीं दियुँगा। फेर तू जाण लेवैगा के मै यहोवा सूं।"
5 "प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै: विपत्ति सै, एक बड़ी विपत्ति सै! देक्खो, वो आवै सै। 6 अन्त आ ग्या सै, सब का अन्त आया सै; वो तेरै खिलाफ जाग्या सै। देक्खो, वो आवै सै। 7 हे देश के बासिन्दे, तेरे खात्तर चक्र घूम चुक्या, बखत आ ग्या, दिन धोरै सै; पहाड़ी मंदरा म्ह कोए खुशी के जशन का दिन न्ही, सोर सराबा ए का होवैगा। 8 इब भोत जल्दी मै अपणी जळजळाहट तेरे पै भड़काऊँगा, अर तेरे पै पूरा छो उण्डेलूँगा अर तेरे चाल चलण कै मुताबिक तेरे ताहीं सजा देऊँगा। अर तेरे सारे घिनोणे काम्मां का फळ तेरे ताहीं भुगताऊँगा। 9 मेरी दया की नजर तेरे पै ना होवैगी अर ना मै तेरे पै कोमलता करुँगा। मै तेरी चाल चलण का फळ तेरे ताहीं भुगताऊँगा, अर तेरे घिनोणे पाप तेरे म्ह बणे रहवैंगे। फेर थम जाण ल्योगे के मै यहोवा सजा देण आळा सूं।"
10 "देक्खो, उस दिन नै देक्खो, वो आवै सै! चक्र घूम चुक्या, छड़ी फूल चुकी, घमण्ड फुल्या सै। 11 हुड़दंग बढ़दे-बढ़दे बुराई की सजा बणग्या; उन म्ह तै कोए ना बचैगा, अर ना उनकी भीड़भाड़, ना उनके धन म्ह तै कुछ रहवैगा; अर ना उन म्ह तै किसे कै खात्तर विलाप सुणाई पड़ैगा। 12 बखत आ ग्या, दिन धोरै आ ग्या सै; ना तो मोल लेण आळा आनन्द करै अर ना बेचण आळा शोक करै, क्यूँके इस्राएल देश म्ह रहण लागरे सब माणसां पै छो भड़क उठ्या सै। 13 चाहे वे जिन्दा रहवैं, तोभी बेचण आळा बेची होई चीज कै धोरै कदे बोहड़ण ना पावैगा; क्यूँके दर्शन की या बात देश की सारी भीड़ पै घटैगी; कोए ना लौटेगा; कोए भी माणस, जो अधर्म म्ह जिन्दा रहवै सै, बल ना पकड़ सकैगा।"
14 "उननै नरसिंगा फूँक्या अर सारा कुछ त्यार कर दिया; पर युद्ध म्ह कोए न्ही जान्दा क्यूँके इस्राएल देश की सारी भीड़ पै मेरा छो भड़क्या होया सै।"
15 "बाहर तलवार अर भित्तर काळ अर मरी सैं; जो बाहर मैदान म्ह हो वो तलवार तै मरैगा, अर जो घरां म्ह हो वो भूख अर मरी तै मारया जावैगा। 16 अर उन म्ह तै जो बच लिकड़ैंगे वे बचैंगें तो सही पर अपणे-अपणे अधर्म म्ह फँसे रहकै तराइयां म्ह रहण आळे कबूतरां की तरियां पहाड़ां के उप्पर विलाप करदे रहवैंगे। 17 सारया के हाथ ढील्ले अर सारया के घुटने घणे कमजोर हो जावैंगे। 18 उसनै कह्या वे अपणा दुख जाहिर करण खात्तर कमर पै टाट कसैंगे, अर उनके रोएँ खड़े होवैंगे; सारया के मुँह सूख जावैंगे अर सारया के सिर मुँण्ड़े जावैंगे। 19 वे अपणी चाँदी सड़कां म्ह फेंक देवैंगे, अर उनका सोन्ना अशुद्ध चीज ठहरैगा; यहोवा की जळण कै दिन उनका सोन्ना-चाँदी उननै बचा ना सकैगा, ना उसतै उनका जी संतुष्ट होवैगा, ना उनके पेट भरैगें। क्यूँके वो उनके पाप म्ह फसण का कारण होया सै। 20 उनका देश जो शोभायमान अर शिरोमणि था, उसके विषय म्ह उननै गर्व ए गर्व करकै उस म्ह अपणी घृणित चिज्जां की मूरतां, अर घृणित चीज बणा राक्खी, इस कारण मन्नै उस ताहीं उनके खात्तर अशुद्ध चीज ठहराई सै। 21 मै उसनै लूटण कै खात्तर परदेशियाँ के हाथ, अर धन छीनण कै खात्तर धरती के दुष्ट माणसां के बस म्ह कर दियुँगा; अर वे उसनै अपवित्र कर देवैंगे। 22 मै उनतै मुँह फेर ल्यूँगा, फेर वे मेरी सुरक्षित जगहां नै अपवित्र करैंगे; डाकू उस म्ह घुसकै उसनै अपवित्र करैंगे।"
23 "एक साँकळ बणा दे, क्यूँके देश अन्याय की हत्या तै, अर नगर हुड़दंग तै भरया होया सै। 24 मै गैरजात्तां के बुरे तै बुरे माणसां नै ल्याऊँगा, जो उनके घरां के माल्लिक हो जावैंगे; अर मै ताकतवरां का गर्व तोड़ दियुँगा अर उनके पवित्रस्थान अपवित्र करे जावैंगे। 25 सत्यानाश होण पै सै फेर ढूँढ़ण पै भी उननै शान्ति न्ही मिलैगी। 26 विपत्ति पै विपत्ति आवैगी अर उड़दी होई चर्चा पै जिक्र सुणाई पड़ैगा; अर इस्राएली माणस नबी तै दर्शन की बात पूच्छैगें, पर याजक कै धोरै तै नियम-कायदे, अर पुरनिये कै धोरै तै सलाह देण की शक्ति जान्दी रहवैगी। 27 राजा तो शोक करैगा, अर रईस उदासी रूपी कपड़े पहैरेंगे, अर देश के माणसां के हाथ ढील्ले पड़ैंगे। मै उनके चलण कै मुताबिक उनतै बरताव करुँगा, अर उनकी कमाई कै मुताबिक उननै सजा देऊँगा; फेर इस्राएली जाण लेवैंगे के मै यहोवा सूं।"