1 यहूदा का राजा यहोशापात यरुशलेम म्ह अपणे भवन म्ह सही-सलामत बोहड़ ग्या। 2 फेर हनानी नाम के दर्शी का बेट्टा येहू यहोशापात राजा तै भेंट करण नै आया अर उसतै कहण लाग्या, "के दुष्टां की मदद करणी अर यहोवा के बैरियाँ तै प्यार करणा चाहिये? इस काम कै कारण यहोवा की और तै तेरे पै छो भड़क्या सै। 3 फेर भी तेरे म्ह किमे आच्छी बात पाई जावैं सैं। तन्नै तो देश म्ह तै अशेरा ताहीं नाश करया अर अपणे मन नै परमेसवर की खोज म्ह लगाया सै।"
4 यहोशापात यरुशलेम म्ह रहवै था, अर उसनै बेर्शेबा नगर तै लेकै एप्रैम की पहाड़ी देश ताहीं अपणी प्रजा म्ह फेर दौरा करकै, उन ताहीं उनके पितरां के परमेसवर यहोवा की और मोड़ दिया। 5 फेर उसनै यहूदा के एक-एक गढ़आळे नगर म्ह न्यायी ठहराए। 6 अर यहोशापात नै न्यायियाँ ताहीं सलाह दी, "सोचो के, के करो सो, क्यूँके थम जो न्याय करोगे, वो माणस खात्तर न्ही, यहोवा खात्तर करोगे; अर वो न्याय करदे बखत थारे गैल रहवैगा। 7 इब यहोवा का भय थारे म्ह बण्या रहवै; चौकसी तै काम करियो, क्यूँके म्हारे परमेसवर यहोवा म्ह किमे कुटिलता न्ही सै, अर ना वो किसे का पक्ष करै अर ना घूस लेवै सै।"
8 यरुशलेम म्ह भी यहोशापात नै लेवियाँ अर याजकां अर इस्राएल के पितरां के घरान्यां के कुछ खास माणसां नै यहोवा की और तै न्याय करण अर मुकद्दमां नै जाँचण खात्तर ठैहराया। उनका न्याय-आसन यरुशलेम म्ह था। 9 उसनै उनतै हुकम दिया, "यहोवा का भय मानकै, सच्चाई अर निष्कपट मन तै इसा करियो। 10 थारे भाई जो अपणे-अपणे नगर म्ह रहवैं सैं, उन म्ह तै जिसका कोए मुकद्दमा थारै स्याम्ही आवै, चाए वो खून का हो, चाए नियम-कायदे, या किसे हुकम या विधि या नियम कै बारै म्ह हो, उननै चिता देणा के यहोवा कै बारै म्ह दोषी ना हो। इसा ना हो के थारे पै अर थारे भाईयाँ पै उसका छो भड़कै। इसा करो तो थम दोषी ना ठहरोगे। 11 अर देक्खो, यहोवा कै बारै म्ह सारे मुकद्दमें म्ह तो अमर्याह महायाजक, अर राजा कै बारै म्ह सारे मुकद्दमें म्ह यहूदा के घरान्ने का प्रधान इश्माएल का बेट्टा जबद्याह थारे उप्पर अधिकारी सै; अर लेवीय थारे स्याम्ही सरदारां का काम करैंगे। ज्यांतै हिम्मत बाँधकै काम करो अर भले माणस कै गैल यहोवा रहवैगा।"