1 राजा सुलैमान नै यहोवा के भवन अर अपणे भवन नै बणाण म्ह बीस साल लाग्गे। 2 फेर जो नगर हीराम नै सुलैमान ताहीं दिए थे, उन ताहीं सुलैमान नै दृढ़ करकै उन म्ह इस्राएलियाँ ताहीं बसाया।
3 फेर सुलैमान सोबा के हमात म्ह जाकै, उसपै जयवन्त होया। 4 उसनै तदमोर ताहीं जो जंगळ म्ह सै, अर हमात के सारे भण्डार नगरां ताहीं दृढ़ करया। 5 फेर उसनै उप्पर आळे अर नीच्चै आळे दोन्नु बेथोरोन ताहीं शहरपनाह अर फाटकां अर बेंड़यां तै दृढ़ करया। 6 उसनै बालात शहर ताहीं अर सुलैमान के जितने भण्डार नगर थे अर उसके रथां अर सवारां के जितने नगर थे उन ताहीं, अर जो किमे सुलैमान नै यरुशलेम, लबानोन अर अपणे राज्य के सारे देश म्ह बणाणा चाह्या, उन सारया ताहीं बणाया। 7 हित्तियाँ, एमोरियां, परिज्जियाँ, हिब्बियाँ अर यबूसियाँ के बचे होए लोग जो इस्राएल के ना थे, 8 उनके वंश जो उनकै बाद देश म्ह रहगे, अर जिनका इस्राएलियाँ नै नाश ना करया था, उन म्ह तै तो घण्या ताहीं सुलैमान नै बेगार म्ह राख्या अर आज ताहीं उनकी वाए हालत सै। 9 पर इस्राएलियाँ म्ह तै सुलैमान नै अपणे काम खात्तर किसे ताहीं दास ना बणाया, वे तो योद्धा अर उसके हाकिम, उसके सरदार अर उसके रथां अर सवारां के प्रधान होए। 10 सुलैमान के सरदारां के प्रधान जो प्रजा के माणसां पै प्रभुता करण आळे थे, वे ढाई सौ थे।
11 फेर सुलैमान फिरौन की बेट्टी ताहीं दाऊदपुर म्ह तै उस भवन म्ह ले आया जो उसनै उसकै खात्तर बणाया था, क्यूँके उसनै कह्या, "जिस-जिस जगहां म्ह यहोवा का सन्दूक आया सै, वो पवित्र सै, ज्यांतै मेरी राणी इस्राएल के राजा दाऊद के भवन म्ह ना रहण पावैगी।"
12 फेर सुलैमान नै यहोवा की उस वेदी पै जो उसनै ओसारे कै आग्गै बणाई थी, यहोवा तै होमबलि चढ़ाई। 13 वो मूसा के हुकम अर रोज के नियम कै मुताबिक, यानिके विश्राम अर नये चाँद अर हर साल तीन बार ठहराए होए त्यौहारां यानिके अखमीरी रोट्टी के त्यौहार, अर सप्ताहां के त्यौहार, अर झोपड़ियां के त्यौहार म्ह बलि चढ़ाया करै था। 14 उसनै अपणे पिता दाऊद के नियम कै मुताबिक याजकां के सेवा के काम्मां कै खात्तर उनके दल ठहराए, अर लेवियाँ ताहीं उनके काम्मां पै ठैहराया, के हर एक दिन की जरूरत कै मुताबिक वे यहोवा की स्तुति अर याजकां कै स्याम्ही सेवा-पाणी करया करैं, अर एक-एक फाटक कै धोरै द्वारपालां ताहीं दल-दल करकै ठहरा दिया; क्यूँके परमेसवर के भगत दाऊद नै इसा हुकम दिया था। 15 राजा नै भण्डारां या किसे और बात के सम्बन्ध म्ह याजकां अर लेवियाँ ताहीं जो-जो हुकम दिया था, उननै उस ताहीं ना टाळया।
16 इस ढाळ सुलैमान का सारा काम जो उसनै यहोवा के भवन की नींव डालण तै लेकै उसके पूरा करण ताहीं करया वो ठीक होया। इस तरियां यहोवा का भवन पूरा होया।
17 फेर सुलैमान एस्योनगेबेर बंदरगाह अर एलोत नगर म्ह गया, जो एदोम के देश म्ह समुन्दर कै किनारे पै सैं। 18 हीराम नै उसकै धोरै अपणे जहाजियां कै जरिये जहाज अर समुन्दर के जाणकार मल्लाह भेज दिए, अर उन ताहीं सुलैमान के जहाजियां कै गैल ओपीर देश ताहीं जाकै ओड़ै तै साढ़े च्यार सौ किक्कार सोन्ना राजा सुलैमान ताहीं ल्या दिया।