अमस्याह का राज्य
1 जिब यहूदा का राजा अमस्याह राज करण लाग्या उस बखत वो पच्चीस साल का था, अर यरुशलेम म्ह उणतीस साल ताहीं राज करदा रह्या। अर उसकी माँ का नाम यहोअद्दान था, जो यरुशलेम की थी। 2 उसनै वो करया जो यहोवा की नजर म्ह ठीक सै, पर खरे मन तै ना करया। 3 जिब राज उसके हाथ म्ह स्थिर होग्या, फेर उसनै अपणे उन कर्मचारियाँ ताहीं मार दिया जिननै उसके पिता राजा ताहीं मार दिया था।25:3 उसके पिता राजा ताहीं मार दिया था। 2 इतिहास 24:25-26 4 पर उसनै उनके बच्चयां ताहीं न्ही मारया क्यूँके उसनै यहोवा के उस हुकम कै मुताबिक करया, जो मूसा के नियम-कायदे की किताब म्ह लिक्खे सै, "बेट्टे कै कारण पिता ना मार दिया जावै, अर ना पिता के कारण बेट्टा मार दिया जावै, जिसनै पाप करया हो वोए उस पाप के कारण मार दिया जावै।"
एदोम के खिलाफ अमस्याह का युद्ध
5 फेर अमस्याह नै यहूदा ताहीं बल्के सारे यहूदियाँ अर बिन्यामीनियाँ ताहीं कठ्ठा करकै उननै, पितरां के घरान्यां कै मुताबिक सहस्त्रपतियाँ अर शतपतियाँ के हक म्ह ठैहराया; अर उन म्ह तै जितन्या की उम्र बीस साल की या उसतै घणी थी, उनकी गिणती करकै तीन लाख भाला चलाण आळे अर ढाल ठाणआळे बड़े-बड़े योद्धा पाए। 6 फेर उसनै एक लाख इस्राएली शूरवीरां ताहीं भी एक सौ किक्कार25:6 एक सौ किक्कार 3,400 किलो चाँदी देकै बुलवाया। 7 पर परमेसवर के एक नबी नै उसकै धोरै आकै कह्या, "हे राजा, इस्राएल की सेना तेरे गैल जाण ना पावै; क्यूँके यहोवा इस्राएल यानिके एप्रैम की सारी सन्तान कै गैल न्ही रहन्दा। 8 जै तू जाकै पुरुषार्थ करै; अर युद्ध खात्तर हियाव बाँधै, तोभी परमेसवर तेरे ताहीं दुश्मनां कै स्याम्ही गिरावैगा, क्यूँके मदद करण अर गिरा देण दोन्नु म्ह परमेसवर सामर्थी सै।" 9 अमस्याह नै परमेसवर के नबी तै पूच्छया, "फेर जो सौ किक्कार चाँदी मै इस्राएली दल नै दे चुक्या सूं, उसके बारै म्ह के करुँ?" परमेसवर के भगत नै जवाब दिया, "यहोवा तेरे तै इसतै भी और घणा दे सकै सै।" 10 फेर अमस्याह नै उन ताहीं यानिके उस दल नै जो एप्रैम की और तै उसकै धोरै आया था, न्यारा कर दिया,25:10 इसा परित्याग गुस्सा पैदा करे बिना न्ही रह सकदी इस्राएलियाँ के विचार म्ह उसका परित्याग भली मनसा पर शक के कारण होया था। उनके गुस्सा के नतिज्जा पै। के वे अपणी जगहां म्ह बोहड़ जावैं। फेर उनका गुस्सा यहूदियाँ पै घणा भड़क उठ्या, अर वे घणे छो म्ह होकै अपणी जगहां म्ह बोहड़गे। 11 पर अमस्याह हियाव बाँधकै अपणे माणसां नै ले चाल्या, अर नमक की तराई म्ह जाकै, दस हजार सेईरियां ताहीं मार दिया। 12 यहूदियाँ नै दस हजार ताहीं बन्दी बणाकै चट्टान की चोट्टी पै ले गये, अर चट्टान की चोट्टी पै तै गिरा दिया, अर वे सारे चूर-चूर होगे। 13 पर उस दल के माणस जिस ताहीं अमस्याह नै बोहड़ा दिया के वे उसकै गैल युद्ध करण नै ना जावै, सामरिया तै बेथोरोन ताहीं यहूदा के सारे नगरां पै टूट पड़े, अर उनके तीन हजार बासिंदे मार दिये अर भोत सी लूट ले ली।
14 जिब राजा अमस्याह एदोमियां का संहार करकै बोहड़ आया, फेर उसनै सेईरियां के देवत्यां25:14 सेईरियां के देवत्यां उस युग म्ह गैरजात्तां म्ह अर देशां की मूर्तियाँ ताहीं उपहार के रूप म्ह ले आणा एक आम रिवाज था। नै ले आकै अपणे देवता करकै खड्या करया, अर उन्हे के स्याम्ही दण्डवत करण, अर उन्हे खात्तर धूप जळाण लाग्या। 15 फेर यहोवा का गुस्सा अमस्याह पै भड़क उठ्या अर उसनै उसकै धोरै एक नबी भेज्या जिसनै उसतै कह्या, "जो देवता अपणे माणसां नै तेरे हाथ तै बचा न्ही सक्या, उनकी खोज म्ह तू क्यूँ लाग्या सै?" 16 वो उसतै कह ए रह्या था के उसनै उसतै पूछ्या, "के हमनै तेरे ताहीं राजा का सलाहकार ठहरा दिया सै? चुप रह! के तू मरणा चाहवै सै?" फेर वो नबी यो कहकै चुप होग्या, "मन्नै बेरा सै के परमेसवर नै तेरा नाश करणा ठान लिया सै, क्यूँके तन्नै इसा करया सै अर मेरी सलाह न्ही मान्नी।"
इस्राएल कै खिलाफ अमस्याह का युद्ध
17 फेर यहूदा के राजा अमस्याह नै सलाह लेकै, इस्राएल के राजा यहोआश कै धोरै, जो येहू का पोत्ता अर यहोआहाज का बेट्टा था, यो कुह्वा भेज्या, "आ हम एक दुसरे का सामना करां।" 18 इस्राएल के राजा यहोआश नै यहूदा के राजा अमस्याह कै धोरै यो कुह्वा भेज्या, "लबानोन पै की एक झड़बेरी नै लबानोन के एक देवदार के धोरै कुह्वा भेज्या, ‘अपणी बेट्टी मेरे बेट्टे नै ब्याह दे;’ इतणे म्ह लबानोन का कोए बण पशु धोरै तै चल्या गया अर उस झड़बेरी तै रौंद दिया। 19 तू कहवै सै, के मन्नै एदोमियां ताहीं जीत लिया सै; इस कारण तू फूल उठ्या अर डींग मारै सै! अपणे घर म्ह रह जा; तू अपणी नुकसान खात्तर उरै क्यूँ हाथ गेरै सै, इसतै तू के, बल्के यहूदा परदेस का भी पतन हो जावैगा।"
20 पर अमस्याह नै ना मान्या। यो तो परमेसवर की और तै होया, के वो उननै उनके दुश्मनां के हाथ कर दे, क्यूँके वे एदोम के देवत्यां की खोज म्ह लाग्गे थे। 21 फेर इस्राएल के राजा यहोआश नै चढ़ाई करी अर उसनै अर यहूदा के राजा अमस्याह नै यहूदा देश के बेतशेमेश25:21 बेतशेमेश यहूदा का शहर म्ह एक दुसरे का सामना करया। 22 यहूदा इस्राएल तै हार ग्या, अर हर एक अपणे-अपणे डेरे म्ह भाज ग्या। 23 फेर इस्राएल के राजा यहोआश नै यहूदा के राजा अमस्याह ताहीं, जो यहोआहाज का पोत्ता अर योआश का बेट्टा था, बेतशेमेश म्ह पकड्या अर यरुशलेम म्ह लेग्या अर यरुशलेम की शहरपनाह म्ह, एप्रैमी25:23 एप्रैमी एप्रैम फाटक उत्तरी शहरपनाह म्ह, एप्रैम के देश कै स्याम्ही, अर कोणे का फाटक शहरपनाह के उत्तर-पश्चिम कोणे म्ह स्थित था फाटक तै कोणे आळे फाटक ताहीं, च्यार सौ हाथ25:23 च्यार सौ हाथ 600 फुट गिरा दिया। 24 अर जितना सोन्ना-चाँदी अर जितने बरतन परमेसवर के भवन म्ह ओबेदेदोम कै धोरै मिले, अर राजभवन म्ह जितना खजान्ना था, उसनै अर बन्धक माणसां नै भी लेकै वो सामरिया नगर म्ह बोहड़ ग्या।
अमस्याह की मौत
25 यहोआहाज का बेट्टा इस्राएल के राजा यहोआश के मरण कै बाद योआश का बेट्टा यहूदा का राजा अमस्याह पन्द्रह साल ताहीं जिन्दा रह्या। 26 शरु तै अन्त ताहीं अमस्याह के और काम, यहूदा अर इस्राएल के राजयां के इतिहास की किताब म्ह लिक्खे सैं। 27 जिस बखत अमस्याह यहोवा कै पाच्छै चालणा छोड़कै मुड़ ग्या था उस बखत तै यरुशलेम म्ह उसकै खिलाफ द्रोह की साजिस होण लाग्गी, अर वो लाकीश शहर म्ह भाज ग्या। आखर दूत्तां नै लाकीश ताहीं उसका पिच्छा करकै, उस ताहीं ओड़ैए मार दिया। 28 फेर वो घोड़यां पै धरकै पोहचाया गया अर उस ताहीं उसके पुरखां कै बीच यहूदा के नगर म्ह माट्टी दी गई।