18 मै थम सारया कै बारें म्ह कोनी कहन्दा, मै उननै जांणु सूं, जिनताहीं मन्नै छाँट लिया सै, (अर यो भी के यहूदा बिश्वासघाती सै) क्यूँके मन्नै उस ताहीं इस खात्तर छाट्या सै, ताके पवित्र ग्रन्थ का यो वचन पूरा हो, "जो मेरी रोट्टी खावै सै, उसनै मेरै पै लात ठाई।"