44 कोए मेरै धोरै कोनी आ सकदा जिब ताहीं पिता, जिसनै मेरैताहीं भेज्या सै, उसनै खींच न्ही लेवै, अर मै उसनै आखर के दिनां म्ह फेर जिन्दा करुँगा। 45 नबियाँ के लेखां म्ह यो लिख्या सै: "वे सारे परमेसवर की ओड़ तै सिखाए होए होवैगें।" जिस किसे नै पिता तै सुण्या अर सिख्या सै, वो मेरै धोरै आवै सै। 46 किसे नै पिता ताहीं कोनी देख्या, सिवाए उसके, जो परमेसवर की ओड़ै तै सै, सिर्फ उस्से नै पिता ताहीं देख्या सै। 47 मै थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, के जो कोए बिश्वास करै सै, अनन्त जीवन उस्से का सै।