एक माणस ताहीं ठीक करणा जिस म्ह ओपरी आत्मा थी
1 यीशु अर उसके चेल्लें गलील समुन्दर कै परली ओड़ गिरासेनियों कै परदेस म्ह पोहचे, 2 जिब यीशु किस्ती पै तै उतरया तो जिब्बे एक माणस जिस म्ह ओपरी आत्मा थी, कब्रिस्तान म्ह तै लिकड़कै उसतै मिल्या। 3 वो कब्रिस्तान म्ह रह्या करै था अर कोए उस ताहीं बेल्लां तै भी कोनी जुड़ सकै था, 4 क्यूँके वो घणीए बर बेड़ियाँ अर बेल्लां तै जुड्यां गया था, पर उसनै बेल्लां ताहीं तोड़ दिया था अर बेड़ियाँ के टुकड़े-टुकड़े कर दिये थे, अर कोए उस ताहीं बस म्ह कोनी कर सकै था। 5 वो सारी हाण रात-दिन कब्रिस्तानां अर पहाड़ां म्ह किल्की मारदा अर खुद नै पत्थरां तै जख्मी करै था।
6 वो यीशु नै दूर तै ए देखकै भाजकै आया, उसके पायां म्ह पड़कै घुटने टेक दिए, 7 अर जोर तै किल्की मारकै कह्या, "हे यीशु, परमप्रधान परमेसवर के बेट्टे, मन्नै तेरे तै के काम? मै तन्नै परमेसवर की कसम दियुँ सूं के मन्नै काल ना करै।"5:7 (मत्ती 8:29; 1 राजा. 17:18) 8 क्यूँके उसनै उसतै कह्या था, "हे ओपरी आत्मा, इस माणस म्ह तै लिकड़ आ!"
9 यीशु नै उसतै बुझ्झया, "तेरा के नाम सै?" उसनै उस ताहीं कह्या, "मेरा नाम सेना सै, क्यूँके हम घणे सां।" 10 अर उसनै यीशु तै घणी बिनती करी, "के हमनै इस परदेस तै बाहरणै ना खन्दावै।"
11 उड़ै पहाड़ पै सूअरां का एक बड्ड़ा टोळ चरै था। 12 ओपरी आत्मायाँ नै यीशु तै बिनती करकै कह्या, "हमनै उन सूअरां म्ह भेजदे के हम उनकै भीत्त्तर समा जावां।" 13 यीशु नै उन ताहीं हुकम दिया अर ओपरी आत्मा लिकड़कै सूअरां कै भीत्त्तर समागी अर टोळ, जो कोए दो हजार का था, ढळान पै तै झपटकै गलील समुन्दर म्ह पड़कै डूब मरया।
14 उनके पाळीयाँ नै जो डरे होए थे, भाजकै कस्बे अर गाम्मां म्ह खबर सुणाई, अर जो होया था, माणस उस ताहीं देक्खण आए।