19 जिब वो न्याय की गद्दी पै बेठ्या होया था तो उसकी घरआळी नै उस ताहीं कुह्वा भेज्या, "तू उस धर्मी कै मामले म्ह हाथ ना गेरिये, क्यूँके मन्नै आज सपने म्ह उसकै कारण घणा दुख ठाया सै।"
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19 जिब वो न्याय की गद्दी पै बेठ्या होया था तो उसकी घरआळी नै उस ताहीं कुह्वा भेज्या, "तू उस धर्मी कै मामले म्ह हाथ ना गेरिये, क्यूँके मन्नै आज सपने म्ह उसकै कारण घणा दुख ठाया सै।"