2 अर देक्खो, कई माणस लकवे के एक मरीज नै खाट पै लिटा के उसकै धोरै ल्याए। यीशु नै उनका बिश्वास देखकै, उस लकवे के मरीज तै कह्या, "हे बेट्टे, धीर बाँध, मन्नै तेरे पाप माफ कर दिये।"
3 इसपै कई शास्त्रियाँ नै सोच्या, "यो तो परमेसवर की बुराई करै सै"
4 यीशु नै उनकै मन की बात जाणकै कह्या, "थम माणस अपणे-अपणे मन म्ह बुरा विचार क्यूँ आण देओ सों? 5 आसान के सै? यो कहणा, ‘तेरे पाप माफ होए’, या यो कहणा, ‘उठ अर हाँड-फिर।’ 6 पर इस करकै के थम जाण ल्यो के मुझ माणस के बेट्टे नै धरती पै पाप माफ करण का हक सै।" फेर उसनै लकवे के मरीज तै कह्या, "उठ, अपणे बिस्तर ठाकै, अपणे घरां चल्या जा।" 7 वो उठकै अपणे घरां चल्या गया।