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Neemias 1

4 णदठकअर िां ीं िकरदरहया; अर परमसवर उपवकरदअर कहकथनकरदरहया। 5 "परमसवर यहा, महअर भययपरमसवर! अपणकरण आळअर कम ्‍नण आळअपणकरळदअर उनपकरकरै; 6 लगअर ्‍रह, थनआज इस बखत वकां इसएलिाँ तर िन-रकरदरहूँ ूं, उसने। इसएलिाँ ां हमनिकरैं, ूं। मन्‍अर िकरयै। 7 हमनघणकरै, अर कम, िि अर ियम तन्‍अपणिे, उन ीं हमना। 8 उस वचन ि े, तन्‍अपणकहा, थम िसघकरो, थमनश-दणसां ितर-बितर करुँा। 9 पर थम ओडिो, अर कमां ्‍ो, अर उनप्‍ों, ि़े णस अकिों, उननओड़ै कठकरकउस जगहां हचा, िीं मन्‍अपणि1:9 नाम के निवास व्यवस्थाविवरण 30:1-4 तर िै।’ 10 इब अर रजणस िीं तन्‍अपणबडकत अर बलवनजरि़ा िै। 11 रभिनतै, अपणथनै, अर अपणउन ां थनै, डर नणैं, लगा, अर आज अपणसफल कर, अर उस णस उनपदयकर"

आळा।

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