यहूदियाँ म्ह अंधेर पाया जाणा
1 फेर माणस अर उनकी जनानियाँ की और तै उनके भाई यहूदियाँ कै खिलाफ बड़ा रोळा माच्या। 2 किमे तो कह्या करदे, "हम अपणे बेट्टे-बेटियाँ समेत घणे माणस सां, ज्यांतै हमनै नाज मिलणा चाहिये के उसनै खाकै जीवित रहवां।" 3 किमे कह्या करदे, "हम अपणे-अपणे खेत्तां, दाख की बारियां अर घरां नै अकाळ कै कारण गिरवी धरां सां, के हमनै नाज मिलै।" 4 फेर किमे या कह्या करदे, "के हमनै राजा के कर5:4 राजा के कर फारसी राजा तै दिया जाणआळा कर। प्राचीन युग म्ह भारी कर वसूली कै कारण माणस उधार म्ह दबकै निराश हो जावैं थे। कै कारण अपणे-अपणे खेत्तां अर दाख की बारियां पै रुपया उधार लिया। 5 पर म्हारा अर म्हारे भाईयाँ का शरीर अर म्हारे अर उनके बच्चे एक ए बराबर सैं, फेर भी हम अपणे बेट्टे-बेटियाँ नै दास बणावां सां5:5 दास बणावां सां निर्गमन 21:7 म्ह पिता के जरिये बेट्टी ताहीं गुलाम्मी म्ह बेचणा साफ व्यक्त सै। बेट्टे का बेचणा इस गद्यांश म्ह प्रगट होवै सै। दोन्नु ए हालातां म्ह यो बेचणा छः साल ताहीं ए मान्य होवै था या आगले जुबली साल ताहीं।; बल्के म्हारी कोए-कोए बेट्टी दास्सी भी हो चुकी सैं; अर म्हारा किमे बस न्ही चालदा, क्यूँके म्हारे खेत अर दाख की बारियाँ औरां कै हाथ पड़ी सैं।"
6 या चिल्लाहट अर या बात सुणकै मै घणा छो म्ह होया। 7 फेर अपणे मन म्ह सोच विचार करकै मन्नै रईसां अर हाकिमां ताहीं झिड़क कै कह्या, "थम अपणे-अपणे यहूदी भाईयाँ तै ब्याज लेओ सो।" फेर मन्नै उनकै खिलाफ एक बड़ी सभा करी। 8 अर मन्नै उनतै कह्या, "हम माणसां नै तो अपणी शक्ति भर अपणे यहूदी भाईयाँ नै जो अन्य जातियाँ के हाथ बिकगे थे, दाम देकै छुड़ाया सै, फेर के थम अपणे भाईयाँ नै बेच्चोगे? के वे म्हारे हाथ बिकैगें?" फेर वे चुप रहे अर किमे न्ही कह सकै। 9 फेर मै कहन्दा गया, "जो काम थम करो सो वो आच्छा न्ही सै; के थमनै इस कारण म्हारे परमेसवर का भय मानकै चालणा न्ही चाहिये के म्हारे दुश्मन जो गैरजात सैं, वे म्हारी बदनामी ना करैं? 10 मै भी अर मेरे भाई अर सेवक उन ताहीं रुपया अर नाज उधार देवां सां, पर हम इसका ब्याज छोड़ दें। 11 आज ए उन ताहीं उनके खेत, अर दाख, अर जैतून की बारियाँ, अर घर मोड़ द्यो; अर जो रुपया, अन्न, नया दाखमधु, अर टटका तेल थम उनतै ले लेओ सो, उसका खुद का हिस्सा मोड़ द्यो?" 12 उननै कह्या, "हम उननै मोड़ देंगे, अर उनतै किमे ना लेवांगे; जिसा तू कहवै सै, उसाए हम करागें।" फेर मन्नै याजकां ताहीं बुलाकै उन माणसां नै या कसम खुआई, के वे इस्से वचन कै मुताबिक करैगें। 13 फेर मन्नै अपणे कपड़े की छोर झाड़ कै कह्या, "इस्से रीति तै जो कोए इस वचन नै पूरा ना करै, उसनै परमेसवर झाड़ कै, उसका घर अर कमाई उसतै छुड़ावै, अर इसे तरियां तै वो झाड़या जावै, अर कंगाल हो जावै।5:13 झाड़या जावै, अर कंगाल हो जावै। नहेम्याह नै इसा उन माणसां के भाग ताहीं दर्शाने खात्तर करया जो अपणे वादे ताहीं पूरा करण म्ह असफल होवैगें। यो इशारा एक अभिशाप का प्रतिनिधित्व करै था।" फेर सारी सभा नै कह्या, "आमीन!" अर यहोवा की स्तुति करी। अर माणसां नै इस वचन कै मुताबिक काम करया।
नहेम्याह की निःस्वार्थ सेवा
14 फेर जिब तै मै यहूदा देश म्ह उनका अधिपति ठहराया गया, यानिके राजा अर्तक्षत्र के राज्य के बीसवें साल तै लेकै उसके बत्तीसवें साल ताहीं, यानिके बारहा साल ताहीं मै अर मेरे भाईयाँ नै अधिपतियाँ के हक का भोजन5:14 अधिपतियाँ के हक का भोजन यानिके अन्य फारसी अधिपतियाँ कै बराबर सरकार के अधीन माणसां के खर्चे पै जीवन न्ही बिताया। न्ही खाया। 15 पर पैहले अधिपति जो मेरे तै पैहले थे, वे प्रजा पै भार गेरया करदे, अर उनतै रोट्टी, अर दाखमधु, अर इसकै गैल चाळीस शेकेल चाँदी लिया5:15 चाळीस शेकेल चाँदी लिया एक शेकेल का वजन 11.3 ग्राम चाँदी था करदे, बल्के उनके सेवक भी प्रजा कै उप्पर हक जताया करदे; पर मै इसा न्ही करया करदा, क्यूँके मै यहोवा का भय मान्या करदा। 16 फेर मै शहरपनाह के काम म्ह लिपट्या रह्या, अर हमनै कोए जमीन मोल ना ली; अर मेरे सारे सेवक काम करण खात्तर ओड़ै कठ्ठे रह्या करदे। 17 फेर मेरी मेज पै खाणआळे एक सौ पचास यहूदी अर हाकिम अर वे भी थे, जो च्यांरु और की गैरजात्तां म्ह तै म्हारे धोरै आए थे। 18 जो रोज खाण खात्तर त्यार करया जाया करदा वो एक बळध, छः आच्छी-आच्छी भेड़ अर बकरियाँ थी, अर मेरे खात्तर चिड़ियाँ भी त्यार करी जावै थी; दस-दस दिन कै बाद न्यारे-न्यारे ढाळ का घणाए दाखमधु भी त्यार करया जाया करदा; पर फेर भी मन्नै अधिपति के हक का भोज न्ही लिया, 19 क्यूँके काम का भार प्रजा पै भारी था। हे मेरे परमेसवर! जो कुछ मन्नै इस प्रजा कै खात्तर करया सै, उसनै तू मेरे हित के खात्तर याद राख।