ज्ञान की पुकार
20 बुद्धि सड़क पै ऊँच्ची आवाज म्ह बोल्लै सै;
अर चौकां म्ह प्रचार करै सै।
21 वा बजारां की भीड़ म्ह पुकारै सै,
वा नगर के फाटकां के देह्ली पै खड़ी होकै, न्यू बोल्लै सै,
22 "हे अज्ञानियों, थम कद ताहीं अज्ञानता तै मोह राक्खोगे?
अर हे मखौल करण आळो, थम कद ताहीं मखौल करण तै राज्जी रहोगे?
हे मूर्खो, थम कद तक ज्ञान तै बैर राक्खोगे?
23 थम मेरी डाँट सुणकै पाप करणा छोड़ द्यो;
सुणो, मै अपणी आत्मा थारे खात्तर उंडेल दियुँगी।
मै थमनै अपणे वचन बताऊँगी।