15 जो परदेशी का जमानती होवै सै, वो घणा दुख ठावै सै,
पर जो जमानत लेण तै नफरत करै सै, वो निडर रहवै सै।
15 जो परदेशी का जमानती होवै सै, वो घणा दुख ठावै सै,
पर जो जमानत लेण तै नफरत करै सै, वो निडर रहवै सै।
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