ज्ञान का मोल
1 हे मेरे बेट्टे, जै तू मेरे वचनां नै मान्नै,
अर मेरे हुकमां नै अपणे मन म्ह धरे राक्खै,
2 अर बुद्धि की बात ध्यान तै सुणै,
अर समझ की बात मन लगाकै सोच्चै;
3 जै तू माहिर अर समझ खात्तर घणे जतन तै पुकारै,
4 अर उसनै चाँदी की ढाळ टोहवै,
अर गुप्त धन की तरियां उसकी टोह म्ह लाग्या रहवै;
5 तो तू यहोवा के भय नै समझैगा,
अर परमेसवर का ज्ञान तन्नै मिलैगा।
6 क्यूँके बुद्धि यहोवा ए देवै सै,
ज्ञान अर समझ की बात उस्से कै मुँह तै लिकड़ै सै।