5 खुली होई डाँट गुप्त प्यार तै आच्छी सै,
6 जो जख्म दोस्त कै हाथ तै लाग्गै वो भरोसै बिश्वास लायक सै
पर बैरी घणा लाड-लड़ावै सै।
5 खुली होई डाँट गुप्त प्यार तै आच्छी सै,
6 जो जख्म दोस्त कै हाथ तै लाग्गै वो भरोसै बिश्वास लायक सै
पर बैरी घणा लाड-लड़ावै सै।