जवान्ना खात्तर मार्गदर्शन
1 हे मेरे बेट्टे, मेरी शिक्षा नै ना भूलिए;
अपणे मन म्ह मेरे हुकमां नै धरे राखिये;
2 क्यूँके इसा करण तै तेरी उम्र बढ़ैगी,
अर तू घणा सही-सलामत रहवैगा।
3 कृपा अर सच्चाई तेरे तै अलग ना होण पावै;
बल्के उननै अपणे गळे का हार बणा ले,
अर अपणे मनरुपी पट्टी म्ह लिख लिये।
4 फेर तू परमेसवर अर माणस दोनुआ का अनुग्रह पावैगा,
अर तू घणा मान-सम्मान पावैगा।
5 तू अपणी समझ का सहारा ना लिये,
बल्के सारे मन तै यहोवा पै भरोस्सा राखिये।
6 उस्से नै याद करकै सारे काम करिये,
फेर वो तेरे खात्तर सीध्धा राह लिकाड़ैगा।
7 अपणी जाण म्ह घणा श्याणा ना बणीये;
यहोवा का भय मानिये अर बुराई तै दूर रहिये।
8 इसा करण तै तेरी देह भली चंगी,
अर तेरी हड्डियाँ मजबूत रहवैगी।