भली पत्नी
10 भली पत्नी कौण पाँ सकै सै?
क्यूँके उसका मोल तो मूँगों31:10 मूँगों मूँगा एक बेशकीमती रत्न सै तै बाध सै।
13 अर वा ऊन और सण ढूँढ़-ढूँढ़ कै,
अपणे हाथ्थां तै खुशी के गैल काम करै सै।
14 वो अपणे कारोबार के जहाज के समान अर अपणी खाण-पीण की चिज्जां बड़ी दूर तै मँगवावै सै।
15 वा सबेरै बखत तै उठै सै,
अर अपणे परिवार ताहीं खाणा बणावै सै,
अर अपणी नौकराणियाँ नै अलग-अलग काम देवै सै।
16 वा किसे खेत कै बारै म्ह सोच्चै सै
अर उसनै मोल ले लेवै सै; अर अपणी मेहनत तै अंगूर का बाग लगावै सै।
17 वा अपणी कमर नै ताकत तै कस लेवै सै,
अर अपणी बाजुआं नै मजबूत करै सै।
18 वो जाण ले सै के मेरा व्यापार फायदेमन्द सै।
वो देर रात ताहीं काम करै सै।
20 वा दीन के खात्तर मुट्ठी खोल्लै सै,
अर कंगालां नै सम्भाळण खात्तर अपणा हाथ बढ़ावै सै।
24 वा सूत के लत्ते बणा के बेच्चै सै;
अर व्यापारियाँ नै कमरबन्द देवै सै।